दरभंगा में गैस के लिए हाहाकार, धूप में घंटों लाइन में खड़े रहे लोग

दरभंगा जिले के अलीनगर प्रखंड में रसोई गैस की भारी किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों को भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है।
शनिवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित ‘मेसर्स सूरज भारत गैस एजेंसी’ के गोदाम पर सैकड़ों महिला और पुरुष उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
☀️ धूप से बचने के लिए छांव में इंतजार
भीषण गर्मी के कारण कई लोग अपने सिलेंडर लाइन में लगाकर खुद पेड़ों और दीवारों की छांव में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
हालांकि गोदाम पर गैस सिलेंडर की नई खेप पहुंच चुकी थी और वितरण कार्य भी शुरू हो गया था, लेकिन भारी भीड़ के कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई दिखी।
📱 बुकिंग के बाद भी कई दिनों का इंतजार
उपभोक्ताओं ने एजेंसी की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बताया कि गैस रीफिल की बुकिंग पिछले उठाव के 45 दिन बाद ही संभव हो पाती है। इसके बावजूद बुकिंग के बाद भी सिलेंडर मिलने में करीब पांच दिन का इंतजार करना पड़ता है।
लोगों का कहना है कि सिलेंडर लेने के लिए पूरा दिन लाइन में खड़े रहना पड़ता है, तब जाकर कहीं गैस मिल पाती है।
🔥 लकड़ी और गोइठा से खाना बनाने की मजबूरी
ग्रामीण इलाकों के कई परिवारों ने बताया कि एक सिलेंडर मुश्किल से 15 से 25 दिन तक चलता है। इसके बाद दोबारा बुकिंग नहीं हो पाने के कारण उन्हें लकड़ी, सूखे पत्ते और गोइठा जलाकर खाना बनाना पड़ता है।
इस स्थिति को लेकर लोगों ने उज्ज्वला योजना और धुआं मुक्त रसोई के दावों पर भी सवाल उठाए हैं।
💸 गरीबों पर सबसे ज्यादा मार
दिहाड़ी मजदूरों का कहना है कि दूर-दराज गांवों से सिलेंडर लेने आने पर ऑटो किराया ही 300 से 400 रुपये तक लग जाता है। इसके अलावा लाइन में लगे रहने के कारण पूरे दिन की मजदूरी भी छूट जाती है।
ऐसे में मजदूर वर्ग के लिए एक गैस सिलेंडर की वास्तविक लागत 2500 से 3000 रुपये तक पहुंच रही है।
🚨 प्रशासन से कार्रवाई की मांग
उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से अलीनगर में गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाने की मांग की है ताकि लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
