‘खुशबू’ से सुलझी सिरकटी लाश की गुत्थी, 20 दिन बाद खुला पति-पत्नी और वो का खौफनाक राज

पटना में रेलवे लाइन के पास मिली सिरकटी लाश की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। करीब 20 दिनों तक रहस्य बने इस सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे आपसी विवाद, अवैध संबंध और पुरानी रंजिश का एंगल जुड़ा हुआ है।
रेलवे लाइन के पास मिली थी सिरकटी लाश
पूरा मामला पटना के हवाई अड्डा थाना क्षेत्र के कौशल नगर रेलवे क्रॉसिंग के पास का है। 13 मई 2026 को पुलिस को रेलवे लाइन किनारे एक सिरकटी लाश मिली थी। शव की पहचान नहीं हो पाने के कारण मामला और भी उलझ गया था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की।
‘खुशबू’ बनी जांच की सबसे बड़ी कड़ी
जांच के दौरान पुलिस को महिला खुशबू कुमारी पर शक हुआ। पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए। खुशबू की निशानदेही पर पुलिस ने छोटू नामक युवक को गिरफ्तार किया, जो मृतक चंदन कुमार का रिश्तेदार (गोतिया) बताया जा रहा है। बाद में इस मामले में दिलावर कुमार नाम के तीसरे आरोपी को भी पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, मृतक चंदन कुमार की हत्या छोटू और दिलावर ने मिलकर की थी, जबकि खुशबू ने शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने में मदद की।
झाड़ियों से बरामद हुआ कटा हुआ सिर
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कौशल नगर रेलवे लाइन के पास झाड़ियों में छिपाकर रखा गया चंदन कुमार का कटा हुआ सिर और उसके कपड़े भी बरामद कर लिए। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया।
प्रेम प्रसंग और विवाद का एंगल
सचिवालय डीएसपी अनु कुमारी ने बताया कि छोटू और चंदन के बीच पहले से विवाद चल रहा था। शुरुआती जांच में प्रेम प्रसंग और अवैध संबंध का एंगल भी सामने आया है। पुलिस इस दिशा में भी गहराई से जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि चंदन कुमार पहले भी एक मामले में जेल जा चुका था। जेल से लौटने के बाद विवाद और बढ़ गया था, जिसके बाद उसकी हत्या की साजिश रची गई।
तीनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के मुताबिक आरोपी छोटू का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर कई मामले दर्ज हैं। वहीं मृतक चंदन कुमार भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा था। पुलिस अब इस हत्याकांड से जुड़े अन्य संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
पुलिस की वैज्ञानिक जांच से खुला राज
पटना पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल, तकनीकी सर्विलांस और फॉरेंसिक जांच का सहारा लिया। करीब 20 दिनों की लगातार जांच और पूछताछ के बाद पुलिस इस सनसनीखेज सिरकटी लाश हत्याकांड का पर्दाफाश करने में सफल रही।
