मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में भीषण आग, ICU में 4 मरीजों की दर्दनाक मौत; कई की हालत गंभीर

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से गुरुवार तड़के एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शहर के ब्रह्मपुरा इलाके स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के ICU में अचानक भीषण आग लगने से कम से कम 4 मरीजों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य मरीज घायल हो गए। हादसे के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। 😢
🚨 सुबह 3:55 बजे लगी आग, ICU में फंसे थे कई मरीज
जानकारी के अनुसार यह हादसा गुरुवार सुबह करीब 3:55 बजे हुआ। आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित ICU (इंटेंसिव केयर यूनिट) में लगी, जहां गंभीर हालत वाले मरीज भर्ती थे। उस समय अस्पताल में कुल 24 मरीज मौजूद थे, जिनमें से 13 मरीज ICU में भर्ती बताए जा रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगते ही पूरे अस्पताल में धुआं फैल गया और मरीजों के परिजन घबराकर इधर-उधर भागने लगे। कई मरीजों को स्ट्रेचर और गोद में उठाकर बाहर निकाला गया।
🚒 दमकल विभाग ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और करीब 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
फायर विभाग के अधिकारी राम निवास पांडेय ने बताया कि अस्पताल से कई मरीजों को सुरक्षित रेस्क्यू कर आसपास के दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। राहत एवं बचाव अभियान कई घंटों तक जारी रहा।
⚡ शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
हालांकि आग लगने के सही कारणों का अब तक आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि ICU में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वायरिंग की भी जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।
🕯️ मृतकों की पहचान
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले चार मरीजों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- कृष्णानंदन प्रसाद सिंह (76)
- गीता देवी (63)
- उदय कुमार (57)
- शशांक (30)
बताया जा रहा है कि इनमें तीन लोग मुजफ्फरपुर जिले के निवासी थे, जबकि उदय कुमार शिवहर जिले के रहने वाले थे।
🏥 अस्पताल में मचा कोहराम
घटना के बाद अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है और अस्पताल में फायर सेफ्टी इंतजामों पर सवाल उठाए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े अस्पताल में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए थे।
🗣️ प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन खुद मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने बताया कि मरीजों के परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और अस्पताल के सुरक्षा मानकों की भी जांच होगी।
💰 मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख मुआवजा
बिहार सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए अधिकारियों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने भी अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन से पूरी जानकारी ली है।
🔍 फायर सेफ्टी पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर बिहार के निजी अस्पतालों में फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई निजी अस्पतालों में सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन नहीं होता, जिससे इस तरह के हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
फिलहाल प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर जांच और राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
