एलिवेटेड रोड, 5 ROB और एयरपोर्ट अप्रोच रोड पर सख्ती; मंत्री की चेतावनी—लापरवाही पर एजेंसी डिबार

एलिवेटेड रोड, 5 ROB और एयरपोर्ट अप्रोच रोड पर सख्ती; मंत्री की चेतावनी—लापरवाही पर एजेंसी डिबार
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📍 दरभंगा/पटना | DarbhangaNews.in

दरभंगा में वर्षों से लंबित और निर्माणाधीन बड़ी सड़क एवं पुल परियोजनाएं अब सरकार की कड़ी निगरानी में आ गई हैं। बिहार के पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र ने 16 अगस्त 2026 को पटना में दरभंगा जिले की सड़क, एलिवेटेड रोड और रेलवे ओवरब्रिज परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में परियोजनाओं की भौतिक प्रगति, भूमि अधिग्रहण, अलाइनमेंट, यातायात व्यवस्था और निर्माण में आ रही बाधाओं पर चर्चा की गई। बिहार सरकार की पथ निर्माण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट भी कुमार शैलेन्द्र को मौजूदा पथ निर्माण मंत्री के रूप में सूचीबद्ध करती है।

बैठक का सबसे कड़ा संदेश निर्माण एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों के लिए रहा। विभाग ने कहा कि समयसीमा से पीछे चल रहे कामों को अतिरिक्त संसाधन लगाकर तेज किया जाए और लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ डिबार यानी भविष्य की ठेका प्रक्रियाओं से प्रतिबंधित करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

अब केवल पटना में फाइलों पर समीक्षा नहीं होगी। विभाग के मुताबिक मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय टीम सोमवार, 17 अगस्त 2026 को दरभंगा पहुंचकर परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण करेगी। इसके बाद मुख्यालय स्तर से लगातार निगरानी की बात कही गई है।

📌 मुख्य बातें

✅ 16 अगस्त को पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र की अध्यक्षता में दरभंगा की बड़ी सड़क-पुल परियोजनाओं की समीक्षा हुई।

✅ समीक्षा में दरभंगा एलिवेटेड रोड और लोहिया चौक-पंडासराय एलिवेटेड रोड शामिल रहे।

✅ दिल्ली मोड़, कगवा गुमटी, दोनार चौक, चट्टी चौक और पंडासराय के पांच ROB की प्रगति पर चर्चा हुई।

✅ दरभंगा एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के लिए बनने वाले अप्रोच रोड को भी समीक्षा में शामिल किया गया।

✅ शिवधारा-हरपुर सड़क के चौड़ीकरण की स्थिति भी जांची गई।

✅ 17 अगस्त को वरिष्ठ अधिकारियों की टीम दरभंगा में स्थल निरीक्षण करने वाली है।

✅ भूमि अधिग्रहण, यूटिलिटी शिफ्टिंग और पेड़ों की कटाई जैसी बाधाएं तेजी से दूर करने का निर्देश दिया गया।

✅ लापरवाह निर्माण एजेंसियों को डिबार करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

✅ इसी बीच लोहिया चौक-पंडासराय और AIIMS क्षेत्र से जुड़ी नई एलिवेटेड रोड परियोजना के लिए ₹470.10 करोड़ का नया टेंडर भी अगस्त 2026 में सामने आया है।

🏗️ किन परियोजनाओं की हुई समीक्षा?

उच्चस्तरीय बैठक में किसी एक सड़क पर बात नहीं हुई। दरभंगा शहर और आसपास की कई ऐसी परियोजनाएं एक साथ समीक्षा के दायरे में आईं जिनका सीधा संबंध शहर के जाम, रेलवे क्रॉसिंग, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और भविष्य के बड़े यातायात नेटवर्क से है।

बैठक में प्रमुख रूप से दरभंगा एलिवेटेड रोड, लोहिया चौक-पंडासराय एलिवेटेड रोड, एयरपोर्ट अप्रोच रोड, पांच ROB, शिवधारा-हरपुर सड़क चौड़ीकरण और हराही-दिग्घी-गंगासागर से जुड़ी परियोजना की स्थिति पर चर्चा हुई।

बैठक में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के साथ बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BSRDCL), NHAI, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा संबंधित क्षेत्रों के अभियंताओं की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है।

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और दरभंगा से विधायक संजय सरावगी भी बैठक में उपस्थित थे। भाजपा की आधिकारिक वेबसाइट वर्तमान में संजय सरावगी को बिहार प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सूचीबद्ध करती है।

🛣️ दरभंगा एलिवेटेड कॉरिडोर: 13.175 किमी की बड़ी योजना

दरभंगा की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक रेलवे स्टेशन से आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर है।

BSRDCL के आधिकारिक रिकॉर्ड में परियोजना का मार्ग दरभंगा रेलवे स्टेशन-दोनार चौक-कर्पूरी चौक-आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे तथा कर्पूरी चौक से लहेरियासराय और लोहिया चौक होते हुए एकमी चौक तक बताया गया है। परियोजना की लंबाई 13.175 किलोमीटर है।

BSRDCL की सार्वजनिक परियोजना सूची में इस व्यापक एलिवेटेड कॉरिडोर की प्रशासनिक स्वीकृति/परियोजना राशि ₹1,868.87 करोड़ दर्ज है। उपलब्ध परियोजना सूची में निविदा की प्रक्रिया का उल्लेख भी मिलता है।

यह परियोजना पूरी होने पर दरभंगा रेलवे स्टेशन, दोनार, कर्पूरी चौक, लहेरियासराय और एकमी जैसे भारी यातायात वाले हिस्सों को एक बड़े सड़क नेटवर्क में जोड़ सकती है।

🚧 बड़ी नई जानकारी: ₹470 करोड़ का नया एलिवेटेड रोड टेंडर

इस समीक्षा के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण नया घटनाक्रम सामने आया है।

15 अगस्त 2026 को प्रकाशित निविदा रिकॉर्ड के अनुसार BSRDCL ने ₹470.10 करोड़ के एक अलग EPC पैकेज के लिए निविदा जारी की है। इसमें दो महत्वपूर्ण हिस्से हैं:

पहला: शोभन-एकमी बाइपास पर AIIMS दरभंगा के पास 2.320 किमी लंबी चार लेन एलिवेटेड रोड।

दूसरा: लोहिया चौक से पंडासराय ROB की ओर 2.142 किमी लंबी एलिवेटेड रोड और पंडासराय की ओर रैंप।

इस निविदा की प्री-बिड बैठक 20 अगस्त 2026 और बोली जमा करने की अंतिम तारीख 3 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। यानी इस हिस्से में परियोजना अभी निर्माण पूरा होने के चरण में नहीं, बल्कि ठेकेदार चयन की निविदा प्रक्रिया में है।

यह नया पैकेज खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे AIIMS दरभंगा की भावी कनेक्टिविटी और पंडासराय क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग के आसपास यातायात सुधार दोनों को एक साथ फायदा मिल सकता है।

🚆 पांच ROB पर सरकार की नजर

समीक्षा में दरभंगा के पांच प्रमुख रेलवे ओवरब्रिज भी शामिल किए गए:

  • दिल्ली मोड़
  • कगवा गुमटी
  • दोनार चौक
  • चट्टी चौक
  • पंडासराय

इन स्थानों पर रेलवे क्रॉसिंग और भारी सड़क यातायात लंबे समय से जाम की बड़ी वजह रहे हैं। 16 अगस्त की बैठक में इन सभी ROB की प्रगति और उनसे जुड़ी बाधाओं की समीक्षा हुई।

यह पहली हालिया समीक्षा भी नहीं है। 5 अगस्त को दरभंगा जिला स्तर पर भी ROB परियोजनाओं की प्रगति, भू-अर्जन और निर्माण कार्यों को लेकर समीक्षा किए जाने की स्थानीय रिपोर्ट सामने आई थी।

इससे साफ है कि परियोजनाओं की गति अब जिला और मुख्यालय—दोनों स्तर पर लगातार जांच के दायरे में है।

✈️ एयरपोर्ट के नए टर्मिनल तक NH-27 से बनेगा रास्ता

दरभंगा एयरपोर्ट के नए सिविल एन्क्लेव के साथ वहां तक सुगम सड़क पहुंच एक अलग चुनौती है।

मई 2026 में सामने आई निविदा संबंधी जानकारी के मुताबिक नए टर्मिनल को NH-27 फोरलेन से जोड़ने वाली अप्रोच रोड के लिए लगभग ₹12.34 करोड़ की निविदा जारी की गई थी।

यही अप्रोच रोड 16 अगस्त की उच्चस्तरीय समीक्षा में भी शामिल रहा, जिससे स्पष्ट है कि सरकार केवल टर्मिनल भवन पर नहीं बल्कि यात्रियों को वहां तक पहुंचाने वाले सड़क संपर्क पर भी समानांतर काम कर रही है।

एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। जून 2026 में उपलब्ध आंकड़ों में भवन का काम लगभग 68 प्रतिशत पूरा बताया गया था और उस समय 30 नवंबर 2026 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था। नए टर्मिनल की क्षमता मौजूदा टर्मिनल की तुलना में कई गुना अधिक होगी।

🌳 जमीन, बिजली के खंभे और पेड़ भी बन रहे बाधा

सड़क परियोजनाओं में केवल ठेकेदार की गति ही समस्या नहीं होती। कई परियोजनाएं भूमि उपलब्ध नहीं होने, बिजली-पानी जैसी सेवाओं को स्थानांतरित करने और पेड़ों को हटाने की मंजूरी नहीं मिलने के कारण भी अटकती हैं।

16 अगस्त की बैठक में मंत्री ने रेलवे, वन विभाग और जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर भू-अर्जन, यूटिलिटी शिफ्टिंग और पेड़ कटाई से जुड़ी रुकावटें जल्दी दूर करने का निर्देश दिया।

निर्माण एजेंसियों से भी अतिरिक्त मशीनरी और संसाधन लगाने को कहा गया, ताकि संशोधित लक्ष्य तिथियों तक परियोजनाएं पूरी की जा सकें। साथ ही निर्माण गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की चेतावनी दी गई।

⚠️ लापरवाही पर ठेकेदार ही नहीं, अधिकारी भी निशाने पर

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहलू जवाबदेही से जुड़ा है।

विभाग की ओर से साफ कहा गया कि समयसीमा से पीछे चलने वाली परियोजनाओं की लगातार समीक्षा और स्थल निरीक्षण किया जा रहा है। काम में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर एजेंसी को डिबार करने की कार्रवाई की जा सकती है।

इसके अलावा लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

अब असली परीक्षा यह होगी कि यह चेतावनी केवल बैठक के निर्देश तक सीमित रहती है या 17 अगस्त की जमीनी जांच के बाद किसी परियोजना के लिए जिम्मेदारी और नई समयसीमा भी सार्वजनिक की जाती है।

🌊 हराही-दिग्घी-गंगासागर परियोजना पर अलग कानूनी स्थिति

16 अगस्त की समीक्षा सूची में हराही-दिग्घी-गंगासागर पोखर एकीकरण परियोजना का नाम भी सामने आया है।

लेकिन इसे सामान्य सड़क परियोजना की तरह नहीं देखा जा सकता।

दरभंगा के इन ऐतिहासिक जलाशयों पर निर्माण और सुंदरीकरण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2026 में बिहार सरकार को स्पष्ट रूप से कहा था कि अदालत की अनुमति के बिना जलाशयों को सुंदरीकरण के नाम पर प्रभावित नहीं किया जाए।

इसलिए बैठक में इसकी समीक्षा होना अपने आप में यह अर्थ नहीं देता कि रोक के दायरे वाला निर्माण तत्काल आगे बढ़ाया जा सकता है। इस परियोजना में आगे की किसी भी कार्रवाई को न्यायिक निर्देशों के अनुरूप होना होगा।

📊 जरूरी जानकारी एक नजर में

परियोजनाताजा उपलब्ध स्थिति
दरभंगा मुख्य एलिवेटेड कॉरिडोर13.175 किमी; BSRDCL सूची में ₹1,868.87 करोड़
मार्गरेलवे स्टेशन-दोनार-कर्पूरी चौक-आमस एक्सप्रेसवे और कर्पूरी चौक-लहेरियासराय-लोहिया-एकमी
AIIMS के पास नई एलिवेटेड रोड2.320 किमी
लोहिया चौक-पंडासराय एलिवेटेड रोड2.142 किमी + रैंप
नए EPC पैकेज की निविदा राशि₹470.10 करोड़
बोली की अंतिम तारीख3 सितंबर 2026
एयरपोर्ट अप्रोच रोडNH-27 से नए टर्मिनल को जोड़ने की योजना
अप्रोच रोड की निविदा लागतकरीब ₹12.34 करोड़
समीक्षा में ROBदिल्ली मोड़, कगवा, दोनार, चट्टी चौक, पंडासराय
स्थल निरीक्षण17 अगस्त 2026 को प्रस्तावित
लापरवाही पर कार्रवाईएजेंसी डिबार/अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी

🔍 DarbhangaNews.in विश्लेषण

दरभंगा के लिए अब नई परियोजनाओं की घोषणा से ज्यादा महत्वपूर्ण सवाल कार्यान्वयन का है।

एलिवेटेड कॉरिडोर, पांच ROB, एयरपोर्ट अप्रोच रोड और AIIMS कनेक्टिविटी—ये सभी मिलकर शहर की यातायात व्यवस्था को बड़े पैमाने पर बदल सकते हैं। लेकिन कई परियोजनाओं पर बार-बार समीक्षा बैठक होने का अर्थ यह भी है कि समयसीमा, भूमि और क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याएं अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं।

सबसे सकारात्मक नया संकेत ₹470.10 करोड़ के नए एलिवेटेड रोड पैकेज की निविदा है। इससे कम से कम लोहिया चौक-पंडासराय और AIIMS के पास एलिवेटेड कनेक्टिविटी के लिए प्रक्रिया एक मापने योग्य चरण—निविदा—तक पहुंच चुकी है।

लेकिन अब विभाग को प्रत्येक परियोजना के लिए सार्वजनिक रूप से चार बातें बतानी चाहिए—वर्तमान भौतिक प्रगति कितनी है, मूल समयसीमा क्या थी, संशोधित समयसीमा क्या है और देरी के लिए जिम्मेदार बाधा या एजेंसी कौन है।

17 अगस्त की उच्चस्तरीय साइट जांच तभी ज्यादा प्रभावी होगी जब उसके बाद परियोजना-वार प्रगति और नई समयसीमा भी सार्वजनिक हो।

दरभंगा को जाम से राहत देने के लिए बड़ी परियोजनाओं की कमी नहीं है। अब जरूरत यह सुनिश्चित करने की है कि स्वीकृति, निविदा और समीक्षा बैठकें समय पर बने वास्तविक सड़क और पुल में बदलें।

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