📍 बेगूसराय | DarbhangaNews.in
बेगूसराय में NEET पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठनों का प्रदर्शन उग्र हो गया। एआईएसएफ, आइसा और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के कार्यकर्ताओं ने जिला समाहरणालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पथराव किए जाने की सूचना सामने आई, जिसमें सदर SDO अश्विनी कुमार और कई मीडियाकर्मी चोटिल हो गए।
प्रदर्शनकारी दिल्ली में संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध और NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे थे। प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शन जीडी कॉलेज से शुरू हुआ और समाहरणालय चौक तक पहुंचा। वहां सरकार विरोधी नारेबाजी के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने उपद्रव कर रहे आधा दर्जन से अधिक आंदोलनकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। घटना के बाद SP मनीष और DM श्रीकांत शास्त्री मौके पर पहुंचे और समाहरणालय परिसर तथा कैंटीन चौक क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
📌 मुख्य बातें
✅ बेगूसराय समाहरणालय पर छात्र संगठनों का प्रदर्शन
✅ NEET पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में आंदोलन
✅ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
✅ एआईएसएफ, आइसा और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के कार्यकर्ता शामिल
✅ जीडी कॉलेज से निकला जुलूस समाहरणालय चौक पहुंचा
✅ बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की सूचना
✅ पथराव में सदर SDO अश्विनी कुमार और मीडियाकर्मी चोटिल
✅ पुलिस ने भीड़ नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया
✅ आधा दर्जन से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
✅ SP और DM ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली
✅ प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र DM को सौंपा
🎓 NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन से जुड़ा प्रदर्शन
यह प्रदर्शन केवल बेगूसराय तक सीमित स्थानीय मुद्दा नहीं था। देशभर में NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही शामिल है।
ThePrint की PTI रिपोर्ट के अनुसार बिहार के कई जिलों—जहानाबाद, दरभंगा, कटिहार, बेगूसराय और अन्य स्थानों—पर इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन हुए। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ी, पथराव किया और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
🚩 जीडी कॉलेज से निकला जुलूस
बेगूसराय में प्रदर्शन जीडी कॉलेज से एआईएसएफ जिला सचिव सत्यम भारद्वाज और एआईवाईएफ जिला सचिव धीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में निकाला गया। जुलूस में छात्र और युवा कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए समाहरणालय चौक तक पहुंचे।
रिपोर्ट के अनुसार समाहरणालय चौक पर प्रदर्शन के दौरान आसपास लगे पोस्टर और बैनर क्षतिग्रस्त किए गए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों के एक हिस्से ने समाहरणालय के मुख्य द्वार पर लगी बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
🪨 पथराव में SDO और मीडियाकर्मी चोटिल
तनाव के बीच भीड़ में मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया। प्रभात खबर के अनुसार पत्थर लगने से सदर SDO अश्विनी कुमार के हाथ में चोट लगी। इस दौरान कई मीडियाकर्मी भी चोटिल हुए।
पथराव के बाद समाहरणालय परिसर और आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया। प्रशासन का कहना है कि उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
🚔 पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
पथराव और बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन से अधिक आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है। SP मनीष ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को कई बार शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।
घटना के बाद पूरे कैंटीन चौक और समाहरणालय परिसर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया। सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, वज्र वाहन और ड्रैगन वाहन तैनात किए गए। प्रदर्शन के कारण कई घंटों तक यातायात भी प्रभावित रहा।
📢 छात्र नेताओं ने क्या मांग रखी?
प्रतिरोध सभा में छात्र नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज करना गलत है। उन्होंने पेपर लीक और शिक्षा के बाजारीकरण की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
एआईएसएफ जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार, राज्य सह सचिव राकेश कुमार, आइसा जिलाध्यक्ष सोनू फर्नाज और राज्य उपाध्यक्ष अजय कुमार ने भी गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र DM को सौंपा।
🏛️ कांग्रेस ने भी किया विरोध, PM का पुतला फूंका
बेगूसराय में NEET धांधली और राहुल गांधी पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी अलग से प्रदर्शन किया। मंसूरचक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जुलूस निकाला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। यह जुलूस मंसूरचक फाटक चौक से शुरू होकर कई इलाकों से गुजरते हुए वापस फाटक चौक पर समाप्त हुआ।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने वाले नेताओं के साथ भी पुलिसिया व्यवहार किया जा रहा है।
⚠️ प्रशासन की अपील और आगे की कार्रवाई
SP मनीष के अनुसार समाहरणालय पूरी तरह सुरक्षित है और पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने आम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर अपुष्ट नाम, पुराने वीडियो या बिना पुष्टि के आरोप साझा करना स्थिति को और संवेदनशील बना सकता है। किसी भी गिरफ्तारी, प्राथमिकी या घायल लोगों की अंतिम संख्या को आधिकारिक पुलिस बयान के आधार पर ही प्रकाशित किया जाना चाहिए।
📊 जरूरी जानकारी एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| 📍 स्थान | बेगूसराय समाहरणालय |
| 🎓 मुद्दा | NEET पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज |
| 📣 प्रमुख मांग | धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा |
| 🚩 संगठन | एआईएसएफ, आइसा, ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन |
| 🚶 जुलूस | जीडी कॉलेज से समाहरणालय चौक तक |
| ⚠️ घटना | पथराव और बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश |
| 👮 चोटिल | सदर SDO अश्विनी कुमार और कई मीडियाकर्मी |
| 🚔 पुलिस कार्रवाई | बल प्रयोग और हिरासत |
| 👥 हिरासत | आधा दर्जन से अधिक संदिग्ध |
| 👮 वरिष्ठ अधिकारी | SP मनीष और DM श्रीकांत शास्त्री मौके पर पहुंचे |
| 📄 मांग पत्र | राष्ट्रपति के नाम DM को सौंपा गया |
| 🚦 असर | कई घंटों तक यातायात प्रभावित |
🔍 DarbhangaNews.in Analysis
बेगूसराय का प्रदर्शन दिखाता है कि NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की नाराजगी अब बिहार के जिलों में भी तेजी से फैल रही है। छात्रों की मांगें शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ी हैं, इसलिए उन्हें केवल कानून-व्यवस्था का मामला मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
लेकिन आंदोलन के दौरान पथराव, बैरिकेडिंग तोड़ना और मीडियाकर्मियों या अधिकारियों को चोट पहुंचना छात्र आंदोलन की गंभीरता को कमजोर करता है। यदि कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ा है, तो उनकी पहचान CCTV, वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर अलग से की जानी चाहिए।
प्रशासन को भी पारदर्शी तरीके से बताना चाहिए कि कितने लोग हिरासत में लिए गए, किस आधार पर बल प्रयोग हुआ और किन लोगों पर कानूनी कार्रवाई होगी। वहीं छात्र संगठनों को यह सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षा सुधार जैसे गंभीर मुद्दे हिंसा की वजह से पीछे न छूट जाएं।








