📍 जहानाबाद/पटना-गया रेलखंड | DarbhangaNews.in
बिहार में रेलवे सुरक्षा से जुड़ी एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। गया-पटना रेलखंड पर तेहटा और जहानाबाद स्टेशन के बीच चोरों ने 25,000 वोल्ट की ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायर काटकर चोरी कर ली। इस घटना के कारण पटना-गया रूट पर ट्रेन सेवाएं करीब तीन घंटे तक प्रभावित रहीं।
रिपोर्टों के अनुसार, चोरी की गई तार OHE सिस्टम का हिस्सा थी, जिससे इलेक्ट्रिक ट्रेनों को बिजली सप्लाई मिलती है। घटना सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है।
📌 मुख्य बातें
✅ गया-पटना रेलखंड पर OHE वायर चोरी की घटना
✅ तेहटा और जहानाबाद स्टेशन के बीच वारदात
✅ चोर 25,000 वोल्ट की ओवरहेड वायर काटकर ले गए
✅ करीब 35 मीटर कॉपर वायर चोरी होने की रिपोर्ट
✅ ट्रेन सेवाएं करीब 3 से 4 घंटे प्रभावित रहीं
✅ यात्री और मालगाड़ी परिचालन पर असर
✅ रेलवे ने सुरक्षा और जांच प्रक्रिया शुरू की
तेहटा और जहानाबाद के बीच हुई चोरी
रिपोर्ट के अनुसार, चोरी की घटना गया-पटना रेलखंड पर तेहटा और जहानाबाद स्टेशन के बीच हुई। चोरों ने हाई-वोल्टेज OHE वायर को निशाना बनाया और तार काटकर ले गए।
यह घटना इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि OHE वायर में सामान्य संचालन के दौरान 25,000 वोल्ट की बिजली रहती है। ऐसे में तार काटना बेहद खतरनाक माना जाता है।
करीब 35 मीटर वायर चोरी होने की बात
NBT की रिपोर्ट के अनुसार, चोर करीब 35 मीटर लंबा कॉपर वायर काटकर ले गए। कॉपर वायर की कीमत और उपयोगिता के कारण ऐसी चोरी की घटनाएं रेलवे के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
रेलवे अब यह पता लगाने में जुटा है कि चोरों ने तार कैसे काटा, बिजली आपूर्ति की स्थिति क्या थी और इस काम में कितने लोग शामिल थे।
ट्रेनें करीब 3 से 4 घंटे प्रभावित
OHE वायर चोरी के कारण पटना-गया रूट पर रेल परिचालन प्रभावित हुआ। Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेन सेवाएं लगभग तीन घंटे बाधित रहीं। वहीं अन्य रिपोर्टों में 3 से 4 घंटे तक असर रहने की बात कही गई है।
इससे यात्रियों को परेशानी हुई और कई ट्रेनों के परिचालन में देरी की स्थिति बनी।
OHE वायर क्यों महत्वपूर्ण है?
OHE यानी Overhead Electric Equipment इलेक्ट्रिक ट्रेन संचालन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसी वायर के जरिए ट्रेन के पैंटोग्राफ को बिजली मिलती है और ट्रेन आगे बढ़ती है।
अगर OHE वायर कट जाए या क्षतिग्रस्त हो जाए, तो उस सेक्शन में इलेक्ट्रिक ट्रेनें नहीं चल सकतीं। इसलिए ऐसे मामलों में रेलवे को तुरंत बिजली सप्लाई, सुरक्षा और मरम्मत का काम शुरू करना पड़ता है।
रेलवे सुरक्षा पर बड़ा सवाल
इस चोरी ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी हाई-वोल्टेज और संवेदनशील रेलवे संपत्ति को चोरों ने कैसे काटा, यह जांच का बड़ा विषय है।
रेलवे प्रशासन अब ट्रैक सुरक्षा, गश्ती व्यवस्था, CCTV, स्थानीय निगरानी और स्क्रैप/कॉपर चोरी नेटवर्क की जांच कर सकता है।
जांच में किन बिंदुओं पर फोकस?
रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां जांच में इन बिंदुओं पर काम कर सकती हैं—
- तार कब और कैसे काटा गया
- बिजली आपूर्ति उस समय बंद थी या नहीं
- चोरी में कितने लोग शामिल थे
- वायर कहां बेचा गया
- क्या इसमें स्क्रैप कारोबारियों की भूमिका है
- क्या पहले भी ऐसे प्रयास हुए थे
- ट्रैक सुरक्षा में कहां चूक हुई
📋 जरूरी जानकारी एक नजर में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| मामला | 25KV OHE रेलवे वायर चोरी |
| रेलखंड | पटना-गया |
| स्थान | तेहटा और जहानाबाद स्टेशन के बीच |
| चोरी | करीब 35 मीटर कॉपर वायर |
| असर | ट्रेन सेवाएं करीब 3 से 4 घंटे प्रभावित |
| प्रभावित सेवा | यात्री और मालगाड़ी परिचालन |
| जांच | रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं |
📊 DarbhangaNews.in Analysis
पटना-गया रेलखंड पर 25KV OHE वायर चोरी सामान्य चोरी नहीं, बल्कि रेलवे की महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला है। अगर चोर हाई-वोल्टेज रेलवे वायर तक पहुंचकर उसे काटने में सफल हो गए, तो यह रेलवे संपत्ति की सुरक्षा और ट्रैक निगरानी दोनों पर सवाल उठाता है।
रेलवे को इस मामले में केवल चोरी की FIR तक सीमित नहीं रहना चाहिए। कॉपर वायर की अवैध खरीद-बिक्री, स्क्रैप नेटवर्क, स्थानीय निगरानी और रेलखंड की सुरक्षा व्यवस्था की पूरी समीक्षा जरूरी है। ऐसी घटनाएं ट्रेन परिचालन, यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे की विश्वसनीयता पर सीधा असर डालती हैं।
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