📍 सीतामढ़ी | DarbhangaNews.in
शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। वर्षों से बिना पंजीकरण संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों और निजी ट्यूशन पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
जिला शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही जिलेभर में व्यापक जांच अभियान चलाया जाएगा।
📌 Highlights
✅ बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे कोचिंग संस्थानों पर होगी कार्रवाई
✅ 191 लंबित पंजीकरण आवेदनों की दोबारा होगी जांच
✅ सरकारी शिक्षकों को निजी कोचिंग चलाने पर सख्त चेतावनी
✅ फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की होगी जांच
✅ नियम तोड़ने पर ₹1 लाख तक जुर्माना और संस्थान बंद करने की तैयारी
7 साल बाद खुलीं 191 कोचिंग संस्थानों की फाइलें
जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में जिले के 191 कोचिंग संस्थानों ने पंजीकरण के लिए आवेदन और निर्धारित शुल्क जमा किया था। लेकिन प्रशासनिक कारणों से यह प्रक्रिया वर्षों तक अधूरी रह गई।
अब राज्य सरकार के निर्देश के बाद जिला शिक्षा विभाग ने सभी लंबित मामलों की समीक्षा शुरू कर दी है। सभी संस्थानों का दोबारा भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कराया जाएगा।
इन सभी बिंदुओं पर होगी कड़ी जांच
जिला शिक्षा पदाधिकारी राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने संबंधित अधिकारियों को सभी कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है।
जांच के दौरान विशेष रूप से देखा जाएगा—
✔ भवन सुरक्षित है या नहीं
✔ पर्याप्त क्लासरूम उपलब्ध हैं या नहीं
✔ छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय
✔ स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था
✔ वैध किरायानामा या भवन स्वामित्व
✔ Fire Safety व्यवस्था
✔ सभी आवश्यक सरकारी दस्तावेज
यदि किसी संस्थान में मानकों की अनदेखी मिली तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी।
सरकारी शिक्षकों को भी चेतावनी
जिला शिक्षा विभाग ने सभी—
- प्रधानाध्यापकों
- विद्यालय शिक्षकों
- विशिष्ट शिक्षकों
- नियोजित शिक्षकों
को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी सरकारी शिक्षक निजी कोचिंग या ट्यूशन नहीं पढ़ाएगा।
यदि कोई शिक्षक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सेवा नियमावली के तहत विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बिना रजिस्ट्रेशन कोचिंग चलाना अब पड़ेगा भारी
बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010 के तहत 10 से अधिक छात्रों वाले प्रत्येक कोचिंग संस्थान का पंजीकरण अनिवार्य है।
नियमों के अनुसार
- पंजीकरण शुल्क — ₹5,000
- प्रत्येक तीन वर्ष पर नवीनीकरण — ₹3,000
- प्रत्येक छात्र के लिए न्यूनतम 1 वर्गमीटर स्थान
- अलग शौचालय
- स्वच्छ पेयजल
- अग्नि सुरक्षा व्यवस्था
स्कूल समय में कोचिंग संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुबह 9:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक, जब स्कूल एवं कॉलेज संचालित रहते हैं, उस दौरान कोचिंग संस्थान नहीं चलाए जा सकते।
नियम तोड़े तो सीधे होगी कार्रवाई
यदि कोई संस्थान नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ—
- ₹25,000 से ₹1 लाख तक जुर्माना
- पंजीकरण रद्द
- संस्थान बंद कराने की कार्रवाई
- अन्य कानूनी कार्रवाई
की जा सकती है।
एक सप्ताह में Fire NOC लेना अनिवार्य
अग्निशमन विभाग ने सभी कोचिंग संचालकों को निर्देश दिया है कि वे—
- पोर्टेबल Fire Extinguisher लगाएं
- Emergency Exit सुनिश्चित करें
- सभी अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करें
- एक सप्ताह के भीतर Fire Safety NOC प्राप्त करें
जिला अग्निशमन पदाधिकारी अमृतांशु ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि समय सीमा के भीतर नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का संदेश
जिला प्रशासन का कहना है कि यह अभियान छात्रों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। नियमों का पालन करने वाले संस्थानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, लेकिन अवैध रूप से संचालित कोचिंग संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई तय है।
📢 DarbhangaNews.in Analysis
सीतामढ़ी प्रशासन की यह पहल शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि नियमों का ईमानदारी से पालन कराया गया तो इससे न केवल छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि अवैध कोचिंग संस्थानों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
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