📍 अंधराठाढ़ी/झंझारपुर, मधुबनी | DarbhangaNews.in
मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी प्रखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय कसमा गौड़ में मध्याह्न भोजन बनाते समय गैस सिलेंडर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना बुधवार को उस समय हुई, जब रसोइया बच्चों के लिए मिड-डे मील तैयार कर रही थी।
आग लगते ही स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। हालांकि स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता और सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। घटना के समय स्कूल में 48 बच्चे मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।
📌 मुख्य बातें
✅ अंधराठाढ़ी प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय कसमा गौड़ की घटना
✅ मध्याह्न भोजन बनाते समय गैस सिलेंडर में आग लगी
✅ घटना के समय स्कूल में 48 बच्चे मौजूद थे
✅ चार बच्चे उसी कमरे में बैठे थे, जहां खाना बन रहा था
✅ ग्रामीणों ने भीगे जूट के बोरे से आग पर काबू पाया
✅ डायल 112 पुलिस और अग्निशमन टीम मौके पर पहुंची
✅ किसी के हताहत होने की खबर नहीं
गैस भट्टी के नॉब में लगी आग
रिपोर्ट के अनुसार, जब रसोइया बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन बना रही थी, तभी गैस भट्टी के नॉब में अचानक आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं।
उस समय उसी कमरे में चार बच्चे भी बैठे हुए थे। आग लगते ही रसोइया, बच्चे और शिक्षक जान बचाकर बाहर की ओर भागे।
48 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया
घटना के समय विद्यालय में 48 बच्चे उपस्थित थे। आग लगने के बाद बच्चों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। यह राहत की बात रही कि घटना में किसी बच्चे, शिक्षक या रसोइया के हताहत होने की खबर नहीं है।
अगर समय पर बच्चों को बाहर नहीं निकाला जाता और आग फैल जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
ग्रामीणों ने दिखाई हिम्मत
आग लगने के बाद शोर सुनकर स्थानीय ग्रामीण तुरंत विद्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए जूट के भीगे बोरे से सिलेंडर को ढंककर आग पर काबू पाया।
डायल 112 पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार उनके पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने आग बुझा दी थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने स्कूलों में मिड-डे मील रसोई की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस कमरे में खाना बन रहा था, वहां बच्चों की मौजूदगी भी चिंता का विषय है।
MDM रसोई में गैस सिलेंडर, चूल्हा, पाइप, रेगुलेटर और अग्निशमन साधनों की नियमित जांच जरूरी है। ऐसी लापरवाही बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
स्कूलों में गैस सुरक्षा जांच जरूरी
मिड-डे मील योजना में भोजन पकाने के लिए गैस सिलेंडर का उपयोग आम बात है। लेकिन गैस उपकरणों की समय-समय पर जांच, रसोइयों को सुरक्षा प्रशिक्षण और स्कूल में अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता बेहद जरूरी है।
इस घटना के बाद शिक्षा विभाग और MDM प्रबंधन को सभी स्कूलों की रसोई सुरक्षा की जांच करानी चाहिए।
जांच और जवाबदेही की मांग
स्थानीय लोगों ने घटना के बाद स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
अब जरूरत है कि संबंधित अधिकारी जांच करें कि आग कैसे लगी, गैस उपकरणों की स्थिति क्या थी और रसोई में बच्चों की मौजूदगी क्यों थी।
📋 जरूरी जानकारी एक नजर में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | राजकीय प्राथमिक विद्यालय कसमा गौड़, अंधराठाढ़ी, मधुबनी |
| अनुमंडल | झंझारपुर |
| घटना | मिड-डे मील बनाते समय गैस सिलेंडर में आग |
| समय | बुधवार |
| उपस्थित बच्चे | 48 |
| जोखिम | उसी कमरे में चार बच्चे बैठे थे |
| आग बुझाई | ग्रामीणों ने भीगे जूट के बोरे से |
| मौके पर पहुंची टीम | डायल 112 पुलिस और अग्निशमन विभाग |
| स्थिति | किसी के हताहत होने की खबर नहीं |
📊 DarbhangaNews.in Analysis
अंधराठाढ़ी के स्कूल में मिड-डे मील बनाते समय सिलेंडर में आग लगना छोटी घटना नहीं है। भले ही ग्रामीणों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना स्कूल सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि भोजन पकाने वाले कमरे में बच्चे क्यों बैठे थे और गैस सुरक्षा के इंतजाम कितने मजबूत थे। शिक्षा विभाग को चाहिए कि सभी स्कूलों में MDM रसोई की सुरक्षा जांच, गैस पाइप-रेगुलेटर निरीक्षण और रसोइयों का सुरक्षा प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाए।
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