📍 दरभंगा | DarbhangaNews.in
दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल यानी DMCH के सर्जरी विभाग ने एक जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर महिला मरीज को बड़ी राहत दी है। डॉक्टरों की टीम ने महिला के बाएं स्तन से करीब 10 किलोग्राम वजनी फाइलोड्स ट्यूमर निकाला है। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर बताई जा रही है और वह चिकित्सकों की निगरानी में है।
रिपोर्ट के अनुसार, निकाले गए ट्यूमर को आगे की जांच के लिए लैब भेजा गया है, ताकि उसकी प्रकृति और आगे के इलाज की दिशा स्पष्ट हो सके।
📌 Highlights
✅ DMCH के सर्जरी विभाग ने किया जटिल ऑपरेशन
✅ महिला के बाएं स्तन से करीब 10 किलो का फाइलोड्स ट्यूमर निकाला गया
✅ ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर
✅ ट्यूमर को जांच के लिए लैब भेजा गया
✅ डॉक्टरों ने स्तन में गांठ या सूजन को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी
🩺 लंबे समय से गांठ और दर्द की थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, महिला मरीज लंबे समय से बाएं स्तन में बढ़ती गांठ और दर्द से परेशान थी। परेशानी बढ़ने के बाद उसे DMCH के सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया।
चिकित्सकीय जांच और मूल्यांकन के बाद डॉक्टरों ने पाया कि मरीज के बाएं स्तन में बड़ा फाइलोड्स ट्यूमर विकसित हो चुका है। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने का फैसला लिया।
🔬 सफल सर्जरी के बाद लैब जांच के लिए भेजा गया ट्यूमर
शुक्रवार को डॉक्टरों की टीम ने सर्जरी कर करीब 10 किलोग्राम वजनी ट्यूमर को सुरक्षित रूप से निकाल दिया।
ऑपरेशन के बाद ट्यूमर को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए लैब भेजा गया है। इस जांच से यह स्पष्ट होगा कि ट्यूमर की प्रकृति क्या है और मरीज को आगे किस प्रकार के इलाज या निगरानी की जरूरत होगी।
फिलहाल मरीज की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
👨⚕️ डॉ. ए. के. झा के मार्गदर्शन में हुआ ऑपरेशन
रिपोर्ट के अनुसार, यह जटिल ऑपरेशन डॉ. ए. के. झा के मार्गदर्शन में पूरा किया गया।
ऑपरेशन टीम में—
- डॉ. प्रियंका यादव
- डॉ. मंजरी सिंह
- डॉ. अनीता
- डॉ. रवि
- डॉ. सानू
- डॉ. प्रियंका
- डॉ. हर्ष
- डॉ. विपिन
- डॉ. अनन्या
की महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई है।
DMCH उत्तर बिहार के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में गिना जाता है, जहां दरभंगा सहित मिथिलांचल और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
❓ फाइलोड्स ट्यूमर क्या होता है?
फाइलोड्स ट्यूमर स्तन के connective tissue में बनने वाला एक दुर्लभ प्रकार का ट्यूमर होता है। यह कई बार तेजी से बढ़ सकता है और आकार में बड़ा हो सकता है।
अधिकतर फाइलोड्स ट्यूमर benign यानी non-cancerous होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह borderline या malignant भी हो सकते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में सर्जरी के बाद लैब जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर आगे के इलाज और नियमित follow-up की जरूरत तय करते हैं।
⚠️ डॉक्टरों की सलाह: गांठ को नजरअंदाज न करें
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि स्तन में किसी भी प्रकार की—
- गांठ
- दर्द
- सूजन
- आकार में बदलाव
- त्वचा में असामान्य परिवर्तन
को नजरअंदाज न करें।
समय पर जांच और विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह से गंभीर मामलों का भी बेहतर इलाज संभव हो सकता है।
📋 जरूरी जानकारी एक नजर में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| 🏥 अस्पताल | दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, DMCH |
| 🩺 विभाग | सर्जरी विभाग |
| 👩 मरीज | महिला मरीज |
| 🔬 मामला | बाएं स्तन से करीब 10 किलो फाइलोड्स ट्यूमर निकाला गया |
| ✅ मरीज की स्थिति | ऑपरेशन के बाद स्थिर |
| 🧪 आगे की प्रक्रिया | ट्यूमर लैब जांच के लिए भेजा गया |
| 📢 संदेश | स्तन में गांठ या सूजन दिखे तो समय पर डॉक्टर से जांच कराएं |
📊 DarbhangaNews.in Analysis
DMCH में हुई यह सफल सर्जरी उत्तर बिहार की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा सकती है। 10 किलो जैसे बड़े ट्यूमर को सुरक्षित निकालना डॉक्टरों की विशेषज्ञता और टीमवर्क को दर्शाता है। यह मामला आम लोगों के लिए भी एक जरूरी संदेश देता है कि शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव, खासकर स्तन में गांठ या दर्द को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच कई गंभीर स्थितियों को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है।
यह भी पढ़ें: दरभंगा मार्ग के यात्रियों को राहत, कई मार्गों पर चलेंगी विशेष ट्रेनें








