📍 समाहरणालय, लहेरियासराय, दरभंगा | DarbhangaNews.in
दरभंगा शहर में लंबे समय से निर्माणाधीन रोड ओवर ब्रिज परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कड़ी नाराजगी जताई है। बुधवार, 5 अगस्त 2026 को समाहरणालय में हुई समीक्षा बैठक में डीएम ने कार्यकारी एजेंसियों, अभियंताओं और संवेदकों को निर्माण स्थलों पर पर्याप्त मानव बल लगाकर काम की गति बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी और लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में एलसी-18 पंडासराय गुमटी, एलसी-21 चट्टी चौक, कंगवा गुमटी और दिल्ली मोड़ आरओबी की प्रगति की अलग-अलग समीक्षा की गई। भू-अर्जन, अतिक्रमण, रेलवे से मिलने वाली स्वीकृतियां, नाला निर्माण, एप्रोच सड़क और अन्य लंबित कार्यों पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली गई।
इन परियोजनाओं की देरी से शहर के कई प्रमुख मार्गों पर रोजाना जाम, धूल, कीचड़, क्षतिग्रस्त सर्विस रोड और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ रही है। डीएम ने संबंधित विभागों को केवल मुख्य पुल के निर्माण पर नहीं, बल्कि आसपास की सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखने पर भी ध्यान देने को कहा है।
📌 मुख्य बातें
✅ पंडासराय, चट्टी चौक, कंगवा और दिल्ली मोड़ आरओबी की समीक्षा
✅ निर्माण की धीमी गति पर डीएम ने जताई नाराजगी
✅ एजेंसियों को पर्याप्त मजदूर और संसाधन लगाने का निर्देश
✅ पंडासराय की सर्विस रोड को हर हाल में चलने योग्य रखने को कहा
✅ चट्टी चौक पर नाला, सुपर स्ट्रक्चर और टेस्ट पाइल का काम शुरू होगा
✅ एसबीआई बैंक के पास नाला निर्माण एक सप्ताह में पूरा करने का आदेश
✅ दिल्ली मोड़ पर एप्रोच सड़क और नाला निर्माण तत्काल शुरू कराने का निर्देश
✅ पुराने रेलवे पुल को तोड़ने के लिए अतिरिक्त मानव बल लगाया जाएगा
✅ कंगवा आरओबी के लिए रेलवे से लंबित स्वीकृतियां जल्द लेने को कहा
✅ अतिक्रमण हटाकर बाधित निर्माण शुरू कराने पर जोर
🏗️ चार प्रमुख आरओबी परियोजनाओं की हुई समीक्षा
दरभंगा के जिन चार आरओबी की समीक्षा की गई, वे शहर और आसपास के क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। बैठक में प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति, निर्माण एजेंसी की उपलब्धता और काम में आ रही प्रशासनिक तथा तकनीकी बाधाओं पर चर्चा हुई।
समीक्षा में शामिल परियोजनाएं हैं:
- एलसी-18 पंडासराय गुमटी आरओबी
- एलसी-21 चट्टी चौक आरओबी
- कंगवा गुमटी आरओबी
- दिल्ली मोड़ आरओबी
इनमें कई स्थानों पर रेलवे और राज्य सरकार की एजेंसियों को मिलकर काम करना है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच स्वीकृति और निर्माण क्रम में देरी का असर पूरी परियोजना पर पड़ सकता है।
🚧 पंडासराय आरओबी से पहले पूरा होगा डायवर्सन
पंडासराय गुमटी आरओबी के रेलवे वाले हिस्से पर काम शुरू करने से पहले एलसी डायवर्सन के लिए एप्रोच रोड और संबंधित गेट ढांचे का काम पूरा करने को कहा गया है। डीएम ने निर्देश दिया कि निर्माण के दौरान सर्विस रोड को हर हाल में वाहनों के चलने योग्य रखा जाए।
पंडासराय मार्ग शहर के महत्वपूर्ण संपर्क रास्तों में शामिल है। यहां निर्माण के कारण सड़क खराब या संकरी होने से स्थानीय लोगों, स्कूली वाहनों, एंबुलेंस और दैनिक यात्रियों को परेशानी हो सकती है।
केवल मिट्टी या निर्माण सामग्री डालकर सड़क छोड़ देना पर्याप्त नहीं होगा। सर्विस रोड पर नियमित मरम्मत, पानी की निकासी और रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी जरूरी है।
🏙️ चट्टी चौक आरओबी की बाधाएं दूर करने का आदेश
चट्टी चौक आरओबी की समीक्षा के दौरान भू-अर्जन, अतिक्रमण और दूसरी प्रशासनिक बाधाओं को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने सुपर स्ट्रक्चर, नाला निर्माण और टेस्ट पाइल का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराने को कहा।
सुपर स्ट्रक्चर पुल के ऊपरी मुख्य ढांचे से संबंधित होता है, जबकि टेस्ट पाइल के माध्यम से जमीन और पुल की नींव की क्षमता का परीक्षण किया जाता है। इन कामों में देरी होने से आगे का निर्माण भी प्रभावित हो सकता है।
चट्टी चौक व्यस्त बाजार और आवासीय क्षेत्र से जुड़ा है। निर्माण स्थल पर अव्यवस्थित सामग्री, अधूरा नाला और खराब सड़क स्थानीय व्यापारियों तथा राहगीरों की परेशानी बढ़ा सकते हैं।
⏳ एसबीआई बैंक के पास नाला एक सप्ताह में पूरा करने का निर्देश
डीएम ने चट्टी चौक स्थित एसबीआई बैंक के पास चल रहे नाला निर्माण को एक सप्ताह के भीतर पूरा कराने का निर्देश दिया। संबंधित अधिकारियों को कहा गया कि नाला निर्माण के कारण सड़क और आसपास के कारोबार पर लंबे समय तक असर नहीं पड़ना चाहिए।
बरसात के दौरान अधूरा नाला आसपास जलजमाव और दुर्घटना का कारण बन सकता है। यदि खुदाई की गई है तो उसकी मजबूत घेराबंदी और चेतावनी संकेत भी लगाए जाने चाहिए।
प्रशासन को एक सप्ताह की समय सीमा समाप्त होने के बाद स्थल का दोबारा निरीक्षण करना चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि निर्देश का पालन हुआ या नहीं।
🚆 कंगवा गुमटी के लिए रेलवे की स्वीकृति लंबित
कंगवा गुमटी आरओबी की धीमी प्रगति पर भी बैठक में चर्चा हुई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को रेलवे से लंबित स्वीकृतियां जल्द प्राप्त करने और इसके बाद निर्माण की गति बढ़ाने का निर्देश दिया।
रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी निर्माण में राज्य की निर्माण एजेंसी और रेलवे के बीच नक्शा, सुरक्षा, रेलवे सीमा तथा पुल के हिस्सों को लेकर समन्वय आवश्यक होता है। किसी एक स्वीकृति के लंबित रहने पर अन्य काम भी रुक सकते हैं।
प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कौन-सी स्वीकृति लंबित है और उसे प्राप्त करने की नई समय सीमा क्या रखी गई है। इससे परियोजना की वास्तविक प्रगति पर सार्वजनिक निगरानी संभव होगी।
🛣️ दिल्ली मोड़ पर एप्रोच सड़क और नाला निर्माण होगा शुरू
दिल्ली मोड़ आरओबी की समीक्षा में डीएम ने एलसी डायवर्सन के लिए एप्रोच सड़क और नाला निर्माण तत्काल शुरू कराने को कहा। इसके साथ पुराने रेलवे पुल को तोड़ने के काम में अतिरिक्त मानव बल लगाने का निर्देश दिया गया।
निर्माण एजेंसी को आरई पैनलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है। आरई पैनल पुल की एप्रोच संरचना और मिट्टी को सहारा देने वाले हिस्से में उपयोग किए जाते हैं। इनकी समय पर उपलब्धता नहीं होने पर एप्रोच का काम प्रभावित हो सकता है।
दिल्ली मोड़ शहर का महत्वपूर्ण प्रवेश और परिवहन क्षेत्र है। यहां बस स्टैंड और मुख्य सड़कों के कारण पहले से वाहनों का दबाव रहता है। निर्माण में देरी और खराब डायवर्सन से जाम तथा दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
🚗 दोनार और पंडासराय की सड़कें होंगी चलने योग्य
डीएम ने दोनार गुमटी और पंडासराय गुमटी के पास की सड़कों को जल्द मोटरेबल यानी वाहनों के चलने योग्य बनाने का निर्देश दिया है।
निर्माण परियोजनाओं के दौरान अक्सर मुख्य पुल का काम चलता रहता है, लेकिन नीचे की सड़क, सर्विस लेन और डायवर्सन की हालत खराब हो जाती है। इसका सीधा असर रोज यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ता है।
बारिश में गड्ढों और कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन चालकों के गिरने का खतरा बढ़ता है। इसलिए एजेंसियों को केवल अस्थायी मिट्टी भराई के बजाय मजबूत और नियमित रूप से मरम्मत की गई सड़क उपलब्ध करानी चाहिए।
🚜 अतिरिक्त मानव बल लगाने का निर्देश
समीक्षा बैठक में डीएम ने सभी निर्माण एजेंसियों को कार्यस्थलों पर पर्याप्त मानव संसाधन तैनात करने को कहा। पुराने रेलवे पुल को तोड़ने, नाला निर्माण, एप्रोच सड़क और अन्य लंबित कार्यों में मजदूरों तथा मशीनों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
निर्माण की गति बढ़ाने के लिए केवल मजदूर बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। सामग्री की नियमित आपूर्ति, मशीनों की उपलब्धता, तकनीकी पर्यवेक्षण और विभिन्न विभागों की स्वीकृति भी समय पर मिलनी चाहिए।
प्रशासन को एजेंसियों से सप्ताहवार लक्ष्य और प्रगति रिपोर्ट लेनी चाहिए। इससे यह स्पष्ट होगा कि बैठक के बाद वास्तव में काम की गति बढ़ी या केवल निर्देश जारी होकर रह गए।
🧱 अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी
जिन आरओबी परियोजनाओं का निर्माण अतिक्रमण के कारण बाधित है, वहां तत्काल अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित निर्माण एजेंसियों के बीच समन्वय बनाने को कहा गया।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार सूचना, सीमांकन और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद होनी चाहिए। वास्तविक सरकारी या परियोजना भूमि की स्पष्ट पहचान के बिना कार्रवाई से स्थानीय विवाद पैदा हो सकते हैं।
प्रशासन को यह भी देखना होगा कि निर्माण एजेंसी द्वारा छोड़ी गई सामग्री या अस्थायी ढांचे स्वयं आवागमन में बाधा न बनें।
👥 बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, सदर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार गौरव और भूमि सुधार उपसमाहर्ता संजीत कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
भू-अर्जन और अतिक्रमण से जुड़े मामलों में अनुमंडल तथा भूमि सुधार अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। वहीं रेलवे और निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को तकनीकी तथा प्रशासनिक बाधाओं का समयबद्ध समाधान करना होगा।
दरभंगा जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर कौशल कुमार वर्तमान जिलाधिकारी के रूप में दर्ज हैं।
📊 जरूरी जानकारी एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| समीक्षा की तारीख | 5 अगस्त 2026 |
| बैठक का स्थान | दरभंगा समाहरणालय |
| अध्यक्षता | जिलाधिकारी कौशल कुमार |
| कुल आरओबी परियोजनाएं | चार |
| परियोजनाएं | पंडासराय, चट्टी चौक, कंगवा और दिल्ली मोड़ |
| प्रमुख समस्या | निर्माण की धीमी प्रगति |
| पंडासराय निर्देश | डायवर्सन, एप्रोच और सर्विस रोड सुधार |
| चट्टी चौक निर्देश | सुपर स्ट्रक्चर, नाला और टेस्ट पाइल शुरू करना |
| दिल्ली मोड़ निर्देश | एप्रोच सड़क, नाला और पुराने पुल को तोड़ने में तेजी |
| कंगवा निर्देश | रेलवे से लंबित स्वीकृति प्राप्त करना |
| विशेष समय सीमा | एसबीआई के पास नाला एक सप्ताह में पूरा करना |
| अन्य निर्देश | अतिक्रमण हटाना और अतिरिक्त मानव बल लगाना |
🔍 DarbhangaNews.in विश्लेषण
दरभंगा में आरओबी परियोजनाओं की देरी केवल निर्माण विभाग की समस्या नहीं है। इसका सीधा असर शहर के यातायात, व्यापार, स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और दैनिक यात्रियों पर पड़ रहा है। अधूरी सड़क और कमजोर डायवर्सन के कारण लोगों को हर दिन अतिरिक्त समय तथा जोखिम उठाना पड़ता है।
डीएम की सख्ती तभी प्रभावी मानी जाएगी, जब प्रत्येक परियोजना के लिए स्पष्ट समय सीमा और सप्ताहवार लक्ष्य सार्वजनिक किए जाएं। केवल “काम तेज करने” का निर्देश पर्याप्त नहीं है। यह भी बताना जरूरी है कि देरी किस एजेंसी, किस स्वीकृति या किस प्रशासनिक बाधा के कारण हुई।
चट्टी चौक में नाला निर्माण के लिए एक सप्ताह की समय सीमा तय की गई है। इसी तरह चारों आरओबी के लिए भी मुख्य चरणों की अंतिम तारीखें सार्वजनिक होनी चाहिए। इससे नागरिकों को प्रगति की वास्तविक जानकारी मिलेगी और निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय होगी।
काम तेज करने के दौरान गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। मजबूत बैरिकेडिंग, धूल नियंत्रण, रात में रोशनी, सुरक्षित पैदल मार्ग और चलने योग्य सर्विस रोड को निर्माण का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाना चाहिए।








