दरभंगा में पेट्रोल पंप मैनेजर पर ₹90 लाख गबन का आरोप, लहेरियासराय थाने में FIR दर्ज

दरभंगा में पेट्रोल पंप मैनेजर पर ₹90 लाख गबन का आरोप, लहेरियासराय थाने में FIR दर्ज
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📍 लहेरियासराय, दरभंगा | DarbhangaNews.in

दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र से वित्तीय गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। बेंता स्थित एक पेट्रोल पंप के मैनेजर पर ₹90 लाख से अधिक की राशि के कथित गबन का आरोप लगा है। मामले में पेट्रोल पंप संचालक पंकज कुमार पराशर ने प्रबंधक कंचन कुमार चौधरी के खिलाफ लहेरियासराय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

फिलहाल पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


📌 मुख्य बातें

✅ बेंता स्थित पेट्रोल पंप से जुड़ा मामला
✅ मैनेजर पर ₹90 लाख से अधिक के कथित गबन का आरोप
✅ संचालक पंकज कुमार पराशर ने दर्ज कराई प्राथमिकी
✅ आरोपी करीब 10–12 वर्षों से पेट्रोल पंप पर कार्यरत था
✅ बैंक SMS के बाद खातों में गड़बड़ी का संदेह हुआ
✅ CCTV फुटेज में दस्तावेज ले जाने का आरोप
✅ पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की


💰 बैंक SMS से हुआ गड़बड़ी का शक

पेट्रोल पंप संचालक पंकज कुमार पराशर के अनुसार, 30 जून 2026 को बैंक से अधिक ब्याज कटने का SMS मिला। इसके बाद उन्हें खातों में गड़बड़ी का संदेह हुआ।

जब पेट्रोल पंप के रिकॉर्ड और बैंक जमा की जांच की गई, तो कथित तौर पर पता चला कि दैनिक बिक्री की पूरी राशि नियमित रूप से बैंक में जमा नहीं की जा रही थी। प्रारंभिक जांच में ₹90 लाख से अधिक की राशि के गबन की आशंका जताई गई है।


👤 10–12 साल से कार्यरत था मैनेजर

रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी कंचन कुमार चौधरी पिछले करीब 10 से 12 वर्षों से पेट्रोल पंप पर मैनेजर के रूप में कार्यरत था।

संचालक का कहना है कि दीपावली के दौरान दूसरे प्रबंधक के घायल होने के बाद कंचन कुमार चौधरी को नकदी, बैंक जमा और लेखा-जोखा से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई थीं।

इसके बाद पेट्रोल पंप की दैनिक बिक्री की राशि जमा कराने और खातों का रिकॉर्ड संभालने की जिम्मेदारी भी उसी के पास थी।


📹 CCTV फुटेज में दस्तावेज ले जाने का आरोप

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया है कि CCTV फुटेज में आरोपी महत्वपूर्ण अभिलेख ले जाते हुए दिखाई दे रहा है। इससे साक्ष्य मिटाने की आशंका भी जताई गई है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित गबन की राशि का इस्तेमाल निजी जरूरतों में किया गया। संचालक ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने कथित रूप से महंगी गाड़ी खरीदी और अपने पैतृक गांव पटोरी में मकान निर्माण पर भी रकम खर्च की।


🏦 बैंक खातों और संपत्ति की जांच की मांग

पेट्रोल पंप संचालक ने पुलिस से आरोपी और उसके परिजनों के बैंक खातों, संपत्ति और वित्तीय लेन-देन की जांच कराने की मांग की है।

साथ ही जरूरत पड़ने पर बैंक खातों को फ्रीज करने और कथित गबन की राशि की बरामदगी की भी मांग की गई है।


👮 पुलिस जांच में जुटी

लहेरियासराय थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि FIR दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल यह पूरा मामला आरोप और शिकायत के आधार पर जांच के दायरे में है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि राशि, लेन-देन और अन्य आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है।


📋 जरूरी जानकारी एक नजर में

विषयजानकारी
मामलापेट्रोल पंप से ₹90 लाख से अधिक के कथित गबन का आरोप
स्थानबेंता, लहेरियासराय, दरभंगा
आरोपीप्रबंधक कंचन कुमार चौधरी
शिकायतकर्तापेट्रोल पंप संचालक पंकज कुमार पराशर
खुलासा30 जून को बैंक SMS के बाद खातों में गड़बड़ी का संदेह
कार्रवाईलहेरियासराय थाने में FIR दर्ज
स्थितिपुलिस जांच जारी

📊 DarbhangaNews.in Analysis

दरभंगा में पेट्रोल पंप से जुड़े इस कथित गबन मामले ने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में नकदी प्रबंधन और लेखा-जोखा की निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। लंबे समय से कार्यरत कर्मचारी पर इस तरह का गंभीर आरोप लगना बताता है कि व्यापारिक संस्थानों में नियमित ऑडिट, बैंक मिलान और CCTV रिकॉर्ड की समय-समय पर जांच जरूरी है।

हालांकि अभी मामला जांच के स्तर पर है। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच और दस्तावेजी सत्यापन का इंतजार जरूरी है।

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