
दरभंगा नगर निगम की बीके रोड स्थित दुकानों के आवंटन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। दुकानों के आवंटन में कथित अनियमितता, पारदर्शिता की कमी और करोड़ों रुपये के संभावित वित्तीय घोटाले के आरोपों को लेकर सोमवार को जनप्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी (DM) कौशल कुमार से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की।
मामले को लेकर शहर की राजनीति और नगर निगम प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। आरोप लगाया गया है कि दुकान आवंटन प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और पात्रता मानदंडों का पालन नहीं किया गया।
📢 “दुकान आवंटन में हुई भारी गड़बड़ी”
प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा बीके रोड स्थित दुकानों के आवंटन में पारदर्शी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
⚠️ ज्ञापन में कहा गया —
“आवंटन प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है, जिससे नगर निगम को करोड़ों रुपये की क्षति हो सकती है।”
प्रतिनिधियों ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई।
🏬 बीके रोड की दुकानों को लेकर बढ़ा विवाद
बीके रोड स्थित नगर निगम की दुकानें शहर के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में गिनी जाती हैं। ऐसे में इन दुकानों के आवंटन को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि —
✅ पात्र लोगों की अनदेखी की गई
✅ नियमों को दरकिनार किया गया
✅ प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी गई
✅ वित्तीय लाभ पहुंचाने के लिए गड़बड़ी की गई
👥 डीएम से मिलने पहुंचे कई जनप्रतिनिधि
ज्ञापन सौंपने वालों में कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और पार्षद शामिल रहे।
✍️ प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख लोग:
▪️ उप महापौर नाजिया हसन
▪️ पार्षद राकेश रोशन चौधरी
▪️ पूर्व पार्षद आशुतोष कुमार
▪️ चांदनी देवी
▪️ नफीसुल हक रिंकू
▪️ राजू पासवान
▪️ शंकर प्रसाद जायसवाल
▪️ देव कृष्ण झा
▪️ सोनी पूर्वे
▪️ गंगा मंडल
🗣️ वार्ड 44 पार्षद ने क्या कहा?
वार्ड 44 के पार्षद राकेश रौशन चौधरी उर्फ बिट्टू चौधरी ने बताया कि बीके रोड स्थित नगर निगम की अधिकांश दुकानें उनके वार्ड क्षेत्र में आती हैं।
उन्होंने कहा —
“उप महापौर और कई पार्षद इस मामले को लेकर मुझसे मिले थे। लोगों में दुकान आवंटन प्रक्रिया को लेकर काफी नाराजगी है।”
⚖️ डीएम ने दिया जांच का भरोसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी कौशल कुमार ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
📌 डीएम का बयान:
“मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। जल्द ही जांच प्रक्रिया पूरी कर मूल आवंटियों को दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी।”
डीएम के इस बयान के बाद अब लोगों की नजर जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
🚨 नगर निगम प्रशासन पर उठे सवाल
इस पूरे विवाद के बाद नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठने लगे हैं। शहर में चर्चा है कि यदि जांच में आरोप सही पाए गए, तो कई अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई हो सकती है।
🔍 अब क्या होगा आगे?
📌 जांच समिति करेगी आवंटन प्रक्रिया की समीक्षा
📌 दस्तावेजों और पात्रता की जांच होगी
📌 संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जा सकता है
📌 मूल आवंटियों को दुकानें देने पर फैसला संभव
यह भी पढ़ें: अललपट्टी गुमटी और इंद्रा कॉलोनी: जाम, जलजमाव और बदहाल व्यवस्था के बीच फंसी हजारों लोगों की जिंदगी








