📍 खाजासराय, लहेरियासराय, दरभंगा | DarbhangaNews.in
दरभंगा के लहेरियासराय थाना क्षेत्र के खाजासराय मोहल्ले में पड़ोसी परिवारों के बीच पुराना विवाद शनिवार रात खूनी संघर्ष में बदल गया। धारदार हथियार से हुए हमले में 23 वर्षीय दीपक सहनी की मौत हो गई, जबकि उनके बड़े भाई दिलीप सहनी और बीच-बचाव करने पहुंचे पड़ोसी अनिल कुमार मंडल घायल हो गए। दोनों का डीएमसीएच में इलाज कराया गया और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार खाजासराय स्थित एक सरकारी विद्यालय के पास दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते गाली-गलौज और मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान दीपक पर धारदार हथियार से कई वार किए जाने का आरोप है। गंभीर रूप से घायल दीपक को स्थानीय लोगों ने डीएमसीएच पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हमले में दीपक के बड़े भाई दिलीप सहनी के पेट में भी चाकू लगा। वहीं झगड़ा रोकने पहुंचे अनिल मंडल भी हमले की चपेट में आ गए। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस सक्रिय हुई और चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है। एसएसपी जगुनाथ रेड्डी स्वयं डीएमसीएच पहुंचे और घायलों व परिजनों से घटना की जानकारी ली।
📌 मुख्य बातें
✅ घटना लहेरियासराय थाना क्षेत्र के खाजासराय मोहल्ले की है।
✅ मृतक की पहचान 23 वर्षीय दीपक सहनी के रूप में हुई है।
✅ दीपक के बड़े भाई दिलीप सहनी के पेट में धारदार हथियार से चोट लगी।
✅ झगड़ा छुड़ाने पहुंचे अनिल कुमार मंडल भी घायल हुए।
✅ घायलों का इलाज डीएमसीएच में कराया गया और उनकी हालत स्थिर बताई गई।
✅ शुरुआती जानकारी के अनुसार विवाद पड़ोस में रहने वाले दो परिवारों के बीच था।
✅ पुलिस का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच पहले से विवाद था, लेकिन झगड़े की वास्तविक वजह की जांच अभी जारी है।
✅ परिवार की ओर से कन्हैया, किशन, रोहित समेत अन्य लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया गया है।
✅ पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
✅ एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने डीएमसीएच पहुंचकर घायलों और परिवार से मुलाकात की।
🗣️ सरकारी स्कूल के पास शुरू हुई कहासुनी
शनिवार देर रात खाजासराय स्थित सरकारी विद्यालय के पास पड़ोस में रहने वाले दो परिवारों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ।
स्थानीय लोगों के अनुसार पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज हुई। कुछ ही देर में विवाद मारपीट में बदल गया।
एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने भी प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि दोनों परिवार एक-दूसरे के सामने रहते हैं और उनके बीच पहले से विवाद था।
हालांकि पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि शनिवार रात तत्काल किस बात से विवाद शुरू हुआ था। इसलिए इसे किसी निश्चित कारण से जोड़ना फिलहाल उचित नहीं होगा।
🔪 दीपक पर किए गए धारदार हथियार से कई वार
कहासुनी के बाद जब विवाद बढ़ा तो आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने दीपक सहनी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार दीपक पर कई बार वार किए गए। प्रभात खबर ने हमले में चाकू और डैगर जैसे धारदार हथियार इस्तेमाल किए जाने का उल्लेख किया है, जबकि एसएसपी ने आधिकारिक रूप से धारदार हथियार से हमला होने की पुष्टि की है।
गंभीर रूप से घायल दीपक जमीन पर गिर गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें और अन्य घायलों को तत्काल डीएमसीएच पहुंचाया।
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दीपक को मृत घोषित कर दिया।
🏥 भाई दिलीप के पेट में लगा चाकू
हमले के दौरान दीपक के बड़े भाई दिलीप सहनी भी गंभीर रूप से घायल हुए।
रिपोर्ट के अनुसार उनके पेट में चाकू लगा। उन्हें इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
पुलिस के लिए दिलीप का बयान महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि वह घटना के दौरान मौके पर मौजूद थे।
उनके बयान से झगड़े की शुरुआत, हमलावरों और घटनाक्रम के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
🤝 झगड़ा छुड़ाने गए अनिल भी हुए घायल
खाजासराय निवासी अनिल कुमार मंडल का कहना है कि उनका मूल विवाद से कोई संबंध नहीं था।
मारपीट की आवाज सुनने के बाद वह दोनों पक्षों को अलग कराने पहुंचे थे। इसी दौरान वह भी धारदार हथियार की चपेट में आ गए।
प्रभात खबर के मुताबिक अनिल के हाथ में दो जगह धारदार हथियार से चोट लगी। इलाज के बाद उनकी हालत सामान्य बताई गई।
इस तरह झगड़ा रोकने पहुंचे एक पड़ोसी को भी अस्पताल पहुंचना पड़ा।
💔 डेढ़ साल पहले हुई थी दीपक की शादी
मृतक दीपक सहनी की उम्र केवल 23 वर्ष थी। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार वह कबाड़ इकट्ठा करने का काम करते थे।
उनकी पत्नी आशा देवी ने बताया कि दोनों की शादी करीब डेढ़ साल पहले ही हुई थी। पति की अचानक हत्या के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
परिवार ने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित परिवार के इस दुखद पक्ष को देखते हुए घटना से संबंधित तस्वीरों और व्यक्तिगत विवरणों की रिपोर्टिंग में भी संवेदनशीलता जरूरी है।
👥 कन्हैया, किशन और रोहित समेत अन्य पर परिवार का आरोप
घायल दिलीप सहनी की पत्नी सुनीता देवी ने घटना को लेकर पड़ोस के कन्हैया, किशन और रोहित समेत अन्य लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है।
परिवार का आरोप है कि दीपक को कई बार धारदार हथियार से मारा गया और दिलीप पर भी हमला किया गया।
हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए आरोप हैं।
पुलिस की जांच और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने से पहले नाम लिए गए किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं कहा जा सकता।
🚔 चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ
घटना की जानकारी मिलते ही सिटी एसपी समेत कई थानों के अधिकारी पुलिस बल के साथ खाजासराय पहुंचे।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू की।
यहां ‘हिरासत’ और ‘गिरफ्तारी’ के बीच अंतर महत्वपूर्ण है। उपलब्ध ताजा रिपोर्ट में चार लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की पुष्टि है, लेकिन सभी चार की औपचारिक गिरफ्तारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसलिए उन्हें गिरफ्तार आरोपी बताना अभी जल्दबाजी होगी।
👮 देर रात डीएमसीएच पहुंचे एसएसपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी देर रात डीएमसीएच पहुंचे।
उन्होंने घायल दिलीप सहनी और अन्य पीड़ितों के परिजनों से बात की तथा मामले की जानकारी ली।
एसएसपी के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला पड़ोसियों के बीच पुराने व्यक्तिगत विवाद से जुड़ा दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि धारदार हथियार से हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत और दो लोग घायल हुए हैं। विवाद की वास्तविक वजह की अभी जांच की जा रही है।
🎥 आसपास के कैमरे और प्रत्यक्षदर्शी बन सकते हैं अहम कड़ी
प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस घटनास्थल की जांच के साथ आसपास के सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
अगर सरकारी स्कूल या आसपास के मकानों और दुकानों में कैमरे लगे हैं और उनमें घटना दर्ज हुई है, तो इससे पूरी समयरेखा स्थापित करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि अभी किसी विशिष्ट सीसीटीवी फुटेज में हमला रिकॉर्ड होने की सार्वजनिक पुष्टि नहीं हुई है।
⚠️ इलाके में तनाव, पुलिस की नजर
घटना के बाद खाजासराय में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई।
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस इलाके में कैंप कर हालात पर नजर रख रही है।
दोनों पक्ष एक ही मोहल्ले और आमने-सामने के घरों से जुड़े बताए गए हैं, इसलिए पुलिस के सामने घटना की जांच के साथ इलाके में दोबारा टकराव रोकना भी महत्वपूर्ण चुनौती है।
❓ आखिर किस बात पर शुरू हुआ था झगड़ा?
अभी इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण अनसुलझा सवाल यही है।
स्थानीय लोगों ने पुराने विवाद का उल्लेख किया है। पुलिस ने भी दोनों परिवारों के बीच पहले से विवाद होने की बात कही है, लेकिन शनिवार रात का झगड़ा ठीक किस मुद्दे पर शुरू हुआ—यह अभी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस को यह भी निर्धारित करना होगा कि हमला अचानक हुई झड़प का परिणाम था या इसके पीछे पहले से कोई तैयारी थी।
इसी तरह कौन-सा हथियार किस व्यक्ति के पास था और किसने किस पर हमला किया, इसका निर्धारण प्रत्यक्षदर्शियों, चिकित्सकीय रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों से होगा।
📊 जरूरी जानकारी एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना | पड़ोसियों के विवाद में चाकूबाजी |
| स्थान | खाजासराय, लहेरियासराय |
| जिला | दरभंगा |
| घटना का समय | शनिवार देर रात, 22 अगस्त 2026 |
| मृतक | दीपक सहनी |
| उम्र | 23 वर्ष |
| पेशा | कबाड़ इकट्ठा करने का काम |
| घायल | दिलीप सहनी और अनिल कुमार मंडल |
| अस्पताल | डीएमसीएच |
| दिलीप की चोट | पेट में चाकू |
| अनिल | बीच-बचाव के दौरान घायल |
| परिवार द्वारा नाम लिए गए लोग | कन्हैया, किशन, रोहित समेत अन्य |
| हिरासत में | 4 लोग |
| पुलिस का प्रारंभिक निष्कर्ष | पड़ोसियों के पुराने व्यक्तिगत विवाद से जुड़ा मामला |
| वास्तविक कारण | जांच जारी |
| पुलिस जांच | प्रत्यक्षदर्शी, घटनास्थल और उपलब्ध कैमरों की जांच |
🔍 DarbhangaNews.in विश्लेषण
खाजासराय की यह घटना दिखाती है कि पड़ोसियों के बीच चलने वाला सामान्य दिखने वाला विवाद कितनी तेजी से जानलेवा हिंसा में बदल सकता है।
23 वर्षीय दीपक की जान चली गई, उनका भाई अस्पताल पहुंचा और बीच-बचाव करने आए एक पड़ोसी को भी चोटें आईं। अब दो परिवारों के पुराने विवाद की कीमत कई लोगों को चुकानी पड़ रही है।
पुलिस के लिए इस मामले में केवल नामजद लोगों को पकड़ना पर्याप्त नहीं होगा। यह स्पष्ट करना जरूरी है कि झगड़ा किस बात पर शुरू हुआ, कौन-कौन व्यक्ति हमले में शामिल था और किस हथियार का किसने इस्तेमाल किया।
चार लोगों को हिरासत में लिया जाना जांच की शुरुआत है, अंतिम परिणाम नहीं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह भी है कि परिवार द्वारा लिए गए नामों को जांच से पहले दोषी घोषित नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस को प्रत्यक्षदर्शी, चिकित्सकीय साक्ष्य, उपलब्ध कैमरे और घटनास्थल से मिले प्रमाण के आधार पर जिम्मेदारी तय करनी होगी।
एक और सवाल स्थानीय स्तर की सामाजिक व्यवस्था से जुड़ा है। यदि दोनों परिवारों में पुराना विवाद था, तो क्या इससे पहले भी मारपीट या पुलिस शिकायत हुई थी? इसका रिकॉर्ड सामने आने से यह समझने में मदद मिल सकती है कि शनिवार की हिंसा अचानक हुई या लंबे तनाव का परिणाम थी।
फिलहाल तथ्य इतना स्पष्ट है कि एक पड़ोसी विवाद ने एक परिवार का 23 वर्षीय सदस्य छीन लिया और दो अन्य लोगों को अस्पताल पहुंचा दिया।








