Darbhanga Flood News: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड में दिखाई देने लगा है। वीरपुर बराज के कई फाटक खोले जाने के बाद कोसी और कमला बलान नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर के कारण कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है और हजारों ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
क्या है पूरा मामला?
🌊 नदी का बढ़ता जलस्तर बढ़ा रहा चिंता
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे जलस्तर ने निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि फिलहाल प्रशासन ने बाढ़ जैसी स्थिति से इनकार किया है, लेकिन हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
🚤 पांच गांवों का सड़क संपर्क भंग
कमला बलान नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पश्चिमी तटबंध के पूरब स्थित इटहर, चौकिया, लक्षमिनियां, बलथरवा और गोबराही गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
इन गांवों के करीब तीन हजार लोगों को रोजमर्रा के कामों, बाजार जाने और आवश्यक सेवाओं के लिए निजी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नाव से आवागमन करने पर अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है।
🗣️ ग्रामीणों की चिंता
एक ग्रामीण ने बताया,
“अभी तो किसी तरह नाव से आना-जाना हो रहा है, लेकिन अगर पानी और बढ़ा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
⚠️ कोसी किनारे बढ़ा कटाव का खतरा
कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर से छोटकी कोनिया, बड़की कोनिया, कुंज भवन, सेवका और ब्रह्मोत्तर सहित आसपास के चौर क्षेत्रों में कटाव की आशंका भी बढ़ गई है।
फिलहाल कहीं बड़े पैमाने पर कटाव शुरू नहीं हुआ है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर लगातार बढ़ता रहा तो कई इलाकों में जमीन कटने का खतरा पैदा हो सकता है।
🌧️ बाढ़ की आशंका से सहमे लोग
स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन यदि नेपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहा और नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो कमला बलान के पश्चिमी तटबंध के पूरब बसे कई गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
विशेष रूप से इटहर, उसरी, उजुआ सिमरटोका और तिलकेश्वर पंचायत के लोगों में संभावित बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।
🏛️ प्रशासन ने कहा- स्थिति पर नजर
प्रभारी अंचलाधिकारी राकेश सिंह यादव ने बताया कि कोसी और कमला बलान नदी के जलस्तर में वृद्धि की सूचना प्राप्त हुई है, लेकिन वर्तमान में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में नाव उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही बाढ़ पूर्व की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
🔍 फिलहाल राहत, लेकिन खतरा बरकरार
जलस्तर बढ़ने के बावजूद अभी हालात पूरी तरह बेकाबू नहीं हुए हैं, लेकिन ग्रामीण और प्रशासन दोनों आने वाले दिनों पर नजर बनाए हुए हैं। यदि नेपाल में बारिश जारी रहती है तो उत्तर बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है।
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