📍 नगर निगम कार्यालय, दरभंगा | DarbhangaNews.in
दरभंगा शहर में नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी के विरोध में हुए उग्र प्रदर्शन और पथराव मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इसी कड़ी में शनिवार को दरभंगा नगर निगम कार्यालय में उस समय हलचल बढ़ गई, जब पुलिस डिप्टी मेयर नाजिया हसन की गिरफ्तारी के लिए नगर निगम की बैठक के दौरान पहुंची। रिपोर्टों के अनुसार पुलिस के पहुंचने की सूचना मिलते ही नाजिया हसन बैठक स्थल से पिछले रास्ते से निकल गईं।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार दोपहर नगर निगम की बैठक में डिप्टी मेयर नाजिया हसन, मेयर अंजुम आरा और नगर आयुक्त के साथ मंच पर मौजूद थीं। इसी बीच लहेरियासराय और विश्वविद्यालय थाना की पुलिस गिरफ्तारी के लिए निगम कार्यालय पहुंची। पुलिस के आने की भनक लगने पर डिप्टी मेयर पिछले दरवाजे से बाइक पर बैठकर वहां से निकल गईं।
यह कार्रवाई 23 जुलाई को लहेरियासराय थाना क्षेत्र के लोहिया चौक पर हुए छात्र प्रदर्शन और पथराव मामले से जुड़ी है। पुलिस ने इस मामले में डिप्टी मेयर नाजिया हसन सहित 54 लोगों को नामजद करते हुए 500 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है। अब तक 33 लोगों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
📌 मुख्य बातें
✅ दरभंगा नगर निगम कार्यालय में पुलिस की छापेमारी
✅ डिप्टी मेयर नाजिया हसन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पहुंची
✅ नाजिया हसन बैठक से पिछले रास्ते से निकल गईं
✅ मामला 23 जुलाई के नीट विरोध प्रदर्शन और पथराव से जुड़ा
✅ लहेरियासराय थाना कांड संख्या 428/26 में प्राथमिकी दर्ज
✅ डिप्टी मेयर सहित 54 नामजद और 500 अज्ञात आरोपी
✅ फोटो और वीडियो के आधार पर 91 लोगों की पहचान
✅ 33 लोगों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने की रिपोर्ट
✅ पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है
✅ शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई
🏛️ नगर निगम बैठक में अचानक पहुंची पुलिस
दरभंगा नगर निगम की बैठक शनिवार को सामान्य प्रशासनिक बैठक की तरह शुरू हुई थी, लेकिन पुलिस के पहुंचते ही माहौल बदल गया। रिपोर्टों के अनुसार बैठक के दौरान डिप्टी मेयर नाजिया हसन मंच पर मौजूद थीं। पुलिस को सूचना थी कि वह निगम कार्यालय में हैं, इसलिए लहेरियासराय, विश्वविद्यालय और अन्य थानों की टीम वहां पहुंची।
हालांकि पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस के आने से पहले ही उपमहापौर अपने सहायक के साथ बोर्ड की बैठक से निकल गई थीं। इसके बाद पुलिस टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।
⚖️ पथराव मामले में क्या है प्राथमिकी?
दरभंगा में 23 जुलाई को छात्र संगठनों ने नीट परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन कर्पूरी चौक से शुरू होकर समाहरणालय क्षेत्र की ओर बढ़ा। रिपोर्टों के अनुसार वापसी के दौरान लोहिया चौक पर भीड़ के एक हिस्से ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया।
इसी मामले में लहेरियासराय थाना कांड संख्या 428/26 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में डिप्टी मेयर नाजिया हसन सहित 54 लोगों को नामजद किया गया है और 500 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस फोटो, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है।
🎥 वायरल वीडियो से बढ़ी पुलिस कार्रवाई
पथराव की घटना के बाद नाजिया हसन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार वीडियो में वह सड़क किनारे लगे बांस को लेकर दौड़ती हुई दिखाई दे रही थीं। इसी वीडियो और अन्य फुटेज को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया।
हालांकि यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी वायरल वीडियो को अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। वीडियो की पूरी परिस्थिति, स्थान, समय और उससे पहले की स्थिति की जांच पुलिस और अदालत की प्रक्रिया में ही तय होगी।
👮 33 लोग जेल भेजे गए, 91 की पहचान
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार घटना के बाद 33 लोगों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। इनमें 15 नाबालिगों के शामिल होने की बात भी सामने आई है। पुलिस ने फोटो और वीडियो के आधार पर 91 लोगों की पहचान की है।
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में पहले 18 युवकों की गिरफ्तारी और 15 नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजे जाने की जानकारी दी गई थी। इससे साफ है कि कार्रवाई अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ी और गिरफ्तारी/पहचान की संख्या बाद में बढ़ी।
🗣️ नाजिया हसन ने क्या कहा?
पुलिस कार्रवाई के बाद नाजिया हसन ने अपने ऊपर दर्ज प्राथमिकी को राजनीतिक कार्रवाई बताया। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा कि वह प्राथमिकी और जेल से डरने वाली नहीं हैं और छात्रों के अधिकारों के लिए सड़क पर उतरी थीं। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों के हक की लड़ाई में जेल जाना पड़े तो वह भी मंजूर है।
इस बयान के बाद मामला केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक रंग भी लेता दिख रहा है। नाजिया हसन कांग्रेस से जुड़ी नेता हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।
📍 दरभंगा शहर में बढ़ी सतर्कता
लोहिया चौक पथराव और नगर निगम कार्यालय में पुलिस कार्रवाई के बाद दरभंगा शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार डीएम और एसएसपी ने दरभंगा टावर चौक, नाका पांच, नाका छह, लोहिया चौक, लहेरियासराय टावर और दिल्ली मोड़ सहित कई जगहों पर तैनात पुलिस बल का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को सतर्क, अनुशासित और मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने आम लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
⚠️ गिरफ्तारी और आरोप में फर्क समझना जरूरी
इस मामले में कई लोगों के नाम प्राथमिकी में हैं, लेकिन किसी भी व्यक्ति को दोषी अदालत की प्रक्रिया के बाद ही माना जाएगा। पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह वास्तविक उपद्रवियों की पहचान करे और शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों को अलग रखे।
दूसरी ओर, यदि किसी जनप्रतिनिधि या प्रदर्शनकारी की भूमिका हिंसा भड़काने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने में पाई जाती है, तो कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में वीडियो, सीसीटीवी, पुलिसकर्मियों के बयान और प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही महत्वपूर्ण होंगे।
📊 जरूरी जानकारी एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| 📍 स्थान | दरभंगा नगर निगम कार्यालय |
| थाना क्षेत्र | लहेरियासराय थाना, दरभंगा |
| मुख्य नाम | डिप्टी मेयर नाजिया हसन |
| मामला | नीट विरोध प्रदर्शन के बाद पथराव |
| घटना की तारीख | 23 जुलाई 2026 |
| पुलिस कार्रवाई | गिरफ्तारी के लिए नगर निगम कार्यालय पहुंची |
| स्थिति | डिप्टी मेयर बैठक से निकल गईं |
| प्राथमिकी | लहेरियासराय थाना कांड संख्या 428/26 |
| नामजद आरोपी | 54 |
| अज्ञात आरोपी | 500 |
| पहचान | 91 लोगों की पहचान |
| जेल भेजे गए | 33 लोग |
| संवेदनशील क्षेत्र | लोहिया चौक, लहेरियासराय टावर, दरभंगा टावर, नाका पांच, नाका छह |
🔍 DarbhangaNews.in विश्लेषण
दरभंगा नगर निगम कार्यालय में डिप्टी मेयर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस का पहुंचना इस पूरे मामले को और बड़ा बना देता है। अब यह केवल छात्र प्रदर्शन या पथराव का मामला नहीं रह गया है, बल्कि इसमें स्थानीय राजनीति, नगर निगम की गरिमा और पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता भी जुड़ गई है।
नीट प्रश्नपत्र लीक जैसे मुद्दे पर छात्रों की नाराजगी गंभीर है। लेकिन जब आंदोलन के दौरान पथराव और पुलिसकर्मियों के घायल होने की स्थिति बनती है, तो प्रशासन कार्रवाई करने के लिए बाध्य होता है। इस कार्रवाई में निष्पक्षता सबसे जरूरी है।
डिप्टी मेयर नाजिया हसन का नाम प्राथमिकी में शामिल होना राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है। इसलिए पुलिस को हर कदम साक्ष्य के आधार पर उठाना होगा। किसी वायरल वीडियो के आधार पर जल्दबाजी में सामाजिक निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा, लेकिन यदि वीडियो और अन्य साक्ष्य मजबूत हैं, तो कार्रवाई भी रुकनी नहीं चाहिए।
दरभंगा शहर के लिए अब सबसे जरूरी बात शांति व्यवस्था है। लहेरियासराय टावर, लोहिया चौक, दरभंगा टावर और समाहरणालय क्षेत्र जैसे सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस और आम लोगों दोनों को संयम रखना होगा।








