📍 दरभंगा/पटना | DarbhangaNews.in
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने मैट्रिक 2027 पंजीयन से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत दी है। वर्ष 2027 की वार्षिक माध्यमिक परीक्षा में शामिल होने वाले योग्य विद्यार्थियों के ऑनलाइन पंजीयन और अनुमति आवेदन के लिए पोर्टल दोबारा खोल दिया गया है। छूटे विद्यार्थी 13 से 22 जुलाई 2026 तक विलंब शुल्क के साथ प्रक्रिया पूरी करा सकेंगे। बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर भी माध्यमिक वार्षिक परीक्षा 2027 के पंजीयन की अवधि 22 जुलाई तक बढ़ाए जाने की सूचना प्रदर्शित की गई है।
यह अवसर केवल नए पंजीयन के लिए ही नहीं है। जिन विद्यार्थियों का शुल्क पहले जमा हो चुका है, लेकिन आवेदन अंतिम रूप से जमा नहीं हुआ, या जिनका हस्ताक्षरित घोषणा पत्र पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सका, वे भी निर्धारित अवधि में अधूरी प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं।
📌 मुख्य बातें
✅ मैट्रिक परीक्षा 2027 के लिए पंजीयन का अंतिम अवसर
✅ ऑनलाइन प्रक्रिया 13 से 22 जुलाई 2026 तक
✅ छूटे विद्यार्थियों को विलंब शुल्क के साथ मौका
✅ अधूरा आवेदन और घोषणा पत्र भी पूरा किया जा सकेगा
✅ प्रक्रिया संबंधित विद्यालय के प्रधान के माध्यम से होगी
✅ छात्र के नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरणों का सत्यापन जरूरी
✅ अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाने की सूचना
किन विद्यार्थियों को मिला है दूसरा मौका?
बिहार बोर्ड का यह विशेष अवसर उन योग्य छात्र-छात्राओं के लिए है, जिनका किसी कारण से निर्धारित समय के भीतर पंजीयन या अनुमति आवेदन नहीं हो पाया था। इनमें नियमित और अनुमति श्रेणी के पात्र विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं, जिनका विद्यालय बिहार बोर्ड से मान्यता प्राप्त है।
इस अवधि में मुख्य रूप से ये विद्यार्थी अपनी प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं—
- जिनका पंजीयन आवेदन पहले नहीं भरा गया
- जिनका ऑनलाइन आवेदन अधूरा रह गया
- जिनका शुल्क जमा है, लेकिन आवेदन अंतिम रूप से जमा नहीं हुआ
- जिनका हस्ताक्षरित घोषणा पत्र अपलोड नहीं किया गया
- जिनकी अनुमति आवेदन प्रक्रिया किसी तकनीकी कारण से रुक गई
- जिनका विद्यालय स्तर से अंतिम सत्यापन बाकी है
विद्यार्थियों को सीधे किसी निजी साइबर कैफे के भरोसे रहने के बजाय अपने विद्यालय के प्रधान या अधिकृत कर्मचारी से संपर्क करना चाहिए।
छात्र स्वयं नहीं, विद्यालय प्रधान करेंगे ऑनलाइन आवेदन
बिहार बोर्ड के निर्देश के अनुसार, विद्यार्थियों का ऑनलाइन पंजीयन संबंधित विद्यालय के प्रधान के माध्यम से किया जाएगा। विद्यालय प्रधान बोर्ड के माध्यमिक पोर्टल पर उपलब्ध पहचान और पासवर्ड का उपयोग कर आवेदन भरेंगे तथा आवश्यक दस्तावेज अपलोड करेंगे। बोर्ड की मुख्य वेबसाइट भी माध्यमिक सेवाओं के लिए अलग आधिकारिक पोर्टल उपलब्ध कराती है।
इसलिए विद्यार्थी और अभिभावक अपने विद्यालय में जाकर यह पुष्टि जरूर करें कि—
- विद्यार्थी का आवेदन पोर्टल पर भरा गया है
- निर्धारित शुल्क जमा किया गया है
- घोषणा पत्र पर विद्यार्थी और अभिभावक के हस्ताक्षर हैं
- आवेदन को अंतिम रूप से जमा कर दिया गया है
- विद्यालय के पास आवेदन की प्राप्ति या अभिलेख सुरक्षित है
केवल शुल्क जमा कर देना पंजीयन पूरा होने के बराबर नहीं है। आवेदन का अंतिम रूप से जमा होना भी जरूरी है।
घोषणा पत्र अपलोड करना अनिवार्य
बोर्ड ने कहा है कि जिन विद्यार्थियों का आवेदन पहले भरा गया था, लेकिन हस्ताक्षरित घोषणा पत्र अपलोड नहीं हुआ था, उन्हें 22 जुलाई तक इसे अपलोड कराना होगा। घोषणा पत्र में दर्ज विवरणों की जांच विद्यार्थी, अभिभावक और विद्यालय स्तर पर की जाती है।
घोषणा पत्र अपलोड नहीं होने या आवेदन अंतिम रूप से जमा नहीं होने पर संबंधित विद्यार्थी की पंजीयन प्रक्रिया अधूरी मानी जा सकती है। इसलिए विद्यालय से केवल मौखिक आश्वासन लेने के बजाय आवेदन की स्थिति की पुष्टि करना जरूरी है।
नाम और जन्मतिथि में गलती न होने दें
मैट्रिक पंजीयन में दर्ज विवरण आगे चलकर परीक्षा आवेदन, प्रवेश पत्र, अंकपत्र और प्रमाणपत्र में उपयोग किए जाते हैं। इसलिए छोटी गलती भी विद्यार्थी के लिए बाद में बड़ी परेशानी बन सकती है।
आवेदन भरते समय इन जानकारियों को सावधानी से जांचना चाहिए—
- विद्यार्थी का पूरा नाम
- माता और पिता का नाम
- जन्मतिथि
- लिंग
- जाति और श्रेणी
- धर्म
- राष्ट्रीयता
- विषयों का चयन
- विद्यार्थी का फोटो
- हस्ताक्षर
- विद्यालय का नाम और कोड
- मोबाइल नंबर और पता
बोर्ड ने विद्यालय प्रधानों को आवेदन और दस्तावेजों का सही ढंग से सत्यापन करने का निर्देश दिया है।
पुराने दस्तावेज से मिलान करना जरूरी
विद्यार्थियों को अपने आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, विद्यालय नामांकन अभिलेख और पिछली कक्षा के प्रमाणपत्र में दर्ज नाम तथा जन्मतिथि का मिलान कर लेना चाहिए।
कई बार आधार कार्ड में नाम की वर्तनी अलग होती है और विद्यालय अभिलेख में अलग। ऐसे मामले में विद्यालय को आवेदन अंतिम रूप से जमा करने से पहले निर्धारित नियमों के अनुसार सही विवरण दर्ज करना चाहिए।
नाम के आगे-पीछे उपनाम जोड़ने, माता-पिता के नाम की वर्तनी बदलने या जन्मतिथि में अंतर होने पर भविष्य में प्रमाणपत्र सुधार की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
विलंब शुल्क कितना देना होगा?
बोर्ड ने यह अवसर विलंब शुल्क के साथ दिया है। उपलब्ध सूचना में शुल्क की निश्चित राशि का विस्तृत श्रेणीवार विवरण नहीं दिया गया है। विद्यार्थी अपने विद्यालय से सामान्य शुल्क, विलंब शुल्क और कुल देय राशि की लिखित जानकारी लें।
विद्यालय में शुल्क जमा करते समय रसीद लेना जरूरी है। किसी अनधिकृत व्यक्ति या निजी खाते में भुगतान करने से बचना चाहिए।
22 जुलाई के बाद नहीं मिलेगा अवसर
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस अवधि को छूटे विद्यार्थियों के लिए अंतिम अवसर बताया है। निर्धारित तिथि समाप्त होने के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाने की बात कही गई है।
इसलिए विद्यार्थियों को अंतिम दिन का इंतजार नहीं करना चाहिए। पोर्टल पर अधिक दबाव, इंटरनेट की समस्या, भुगतान रुकने या दस्तावेज अपलोड नहीं होने जैसी तकनीकी कठिनाइयां आ सकती हैं।
विद्यालयों को भी अंतिम तिथि से पहले सभी छूटे विद्यार्थियों की सूची तैयार कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
पंजीयन और परीक्षा फॉर्म में क्या अंतर है?
विद्यार्थियों के लिए यह समझना जरूरी है कि वर्तमान प्रक्रिया पंजीयन या अनुमति आवेदन की है। इसे अंतिम परीक्षा फॉर्म या प्रवेश पत्र जारी होने की प्रक्रिया नहीं समझना चाहिए।
पंजीयन के माध्यम से विद्यार्थी को बिहार बोर्ड की वार्षिक माध्यमिक परीक्षा के लिए अभिलेख में शामिल किया जाता है। इसके बाद बोर्ड की ओर से निर्धारित समय पर अलग से परीक्षा आवेदन भरने और अन्य प्रक्रियाएं पूरी करने की सूचना जारी की जा सकती है।
पंजीयन छूटने पर विद्यार्थी आगे परीक्षा आवेदन भरने से वंचित हो सकता है। इसलिए यह चरण बेहद महत्वपूर्ण है।
विद्यालयों की जिम्मेदारी भी तय
बोर्ड ने मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानों से कहा है कि कोई भी पात्र विद्यार्थी पंजीयन से वंचित न रहे। प्रधानों को आवेदन में दर्ज विवरण, घोषणा पत्र और आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद ही पोर्टल पर अंतिम रूप से जमा करना है।
विद्यालय स्तर पर लापरवाही से विद्यार्थी का पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है। ऐसे में प्रधानाध्यापकों को छूटे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को समय पर सूचना देनी चाहिए।
विद्यार्थियों को अभी क्या करना चाहिए?
जिन छात्र-छात्राओं को संदेह है कि उनका पंजीयन नहीं हुआ है, वे तुरंत अपने विद्यालय से संपर्क करें। केवल यह मान लेना सही नहीं होगा कि नामांकन होने के कारण पंजीयन भी स्वतः पूरा हो गया होगा।
विद्यालय में इन प्रश्नों का जवाब जरूर लें—
- क्या मेरा मैट्रिक 2027 पंजीयन पूरा हो चुका है?
- क्या शुल्क जमा और ऑनलाइन दर्ज है?
- क्या घोषणा पत्र अपलोड हुआ है?
- क्या आवेदन अंतिम रूप से जमा किया गया है?
- क्या आवेदन में नाम और जन्मतिथि सही है?
- क्या मुझे आवेदन या पंजीयन की प्रति मिल सकती है?
📋 जरूरी जानकारी एक नजर में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा | वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2027 |
| प्रक्रिया | ऑनलाइन पंजीयन/अनुमति आवेदन |
| विशेष अवधि | 13 से 22 जुलाई 2026 |
| अंतिम तिथि | 22 जुलाई 2026 |
| शुल्क | निर्धारित विलंब शुल्क के साथ |
| आवेदन कौन करेगा | संबंधित विद्यालय का प्रधान |
| किन्हें लाभ | पंजीयन से छूटे पात्र विद्यार्थी |
| अधूरे आवेदन | घोषणा पत्र और अंतिम जमा प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी |
| आधिकारिक माध्यम | बिहार बोर्ड का माध्यमिक पोर्टल |
| महत्वपूर्ण सलाह | विवरण जांचकर आवेदन की प्रति या पुष्टि लें |
📊 DarbhangaNews.in Analysis
बिहार बोर्ड का यह निर्णय उन विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत है, जिनका पंजीयन विद्यालय की लापरवाही, दस्तावेजों की कमी या तकनीकी समस्या के कारण पूरा नहीं हो पाया था। लेकिन इसे केवल तारीख बढ़ाने की सामान्य सूचना मानना छात्रों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विद्यार्थी अपने आवेदन की वास्तविक स्थिति विद्यालय से जांचें। कई मामलों में शुल्क जमा होने के बावजूद घोषणा पत्र अपलोड नहीं होता या आवेदन अंतिम रूप से जमा नहीं किया जाता। बाद में प्रवेश पत्र के समय समस्या सामने आने पर विद्यार्थी के पास बहुत कम विकल्प बचते हैं।
विद्यालयों को भी प्रत्येक छूटे विद्यार्थी की पहचान कर 22 जुलाई से पहले प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। शिक्षा से जुड़े मामलों में एक छोटी प्रशासनिक गलती किसी छात्र का पूरा वर्ष खराब कर सकती है।








