Darbhanga News: दरभंगा AIIMS की जमीन पर मिट्टी भराई और समतलीकरण शुरू, 11 साल के इंतजार के बाद परियोजना ने पकड़ी रफ्तार

Darbhanga News: दरभंगा AIIMS की जमीन पर मिट्टी भराई और समतलीकरण शुरू, 11 साल के इंतजार के बाद परियोजना ने पकड़ी रफ्तार
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📍 शोभन-एकमी बाइपास, दरभंगा | DarbhangaNews.in

दरभंगा AIIMS परियोजना की जमीन पर मिट्टी भराई और भू-समतलीकरण का काम औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। शोभन-एकमी बाइपास के पास चयनित परिसर में गुरुवार, 16 जुलाई 2026 से मशीनों और मिट्टी ढुलाई के माध्यम से स्थल को निर्माण योग्य बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। राज्यसभा सांसद और जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा ने इसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा की।

करीब साढ़े 11 वर्ष पहले केंद्रीय बजट में बिहार के लिए AIIMS जैसे संस्थान की घोषणा हुई थी। इसके बाद स्थान चयन, भूमि हस्तांतरण, मिट्टी भराई और केंद्र-राज्य के बीच समन्वय से जुड़ी प्रक्रियाओं में लंबा समय लगा। अब जमीन पर समतलीकरण शुरू होना मुख्य निर्माण से पहले का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। हालांकि इससे यह नहीं माना जाना चाहिए कि अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के मुख्य भवनों का निर्माण भी तत्काल शुरू हो गया है।

📌 मुख्य बातें

✅ 16 जुलाई 2026 से मिट्टी भराई और समतलीकरण शुरू
✅ शोभन-एकमी बाइपास के पास स्थित है प्रस्तावित परिसर
✅ नदियों की उड़ाही से निकलने वाली मिट्टी और गाद का होगा उपयोग
✅ जल संसाधन विभाग को सौंपा गया है भूमि तैयार करने का काम
✅ परियोजना की घोषणा के करीब साढ़े 11 वर्ष बाद बड़ा जमीनी चरण
✅ केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सितंबर 2020 में दी थी औपचारिक स्वीकृति
✅ नवंबर 2024 में प्रधानमंत्री ने किया था परियोजना का शिलान्यास
✅ AIIMS के लिए 187 एकड़ से अधिक जमीन हस्तांतरित
✅ प्रस्तावित संस्थान में 750 बेड और 100 MBBS सीटें होंगी
✅ मुख्य भवन निर्माण की निश्चित तारीख अभी घोषित नहीं

🚜 गुरुवार से शुरू हुआ मिट्टी भराई का काम

शोभन-एकमी बाइपास स्थित परिसर में मिट्टी डालकर जमीन की ऊंचाई और सतह को निर्माण के अनुकूल बनाने का काम शुरू किया गया है। बड़े चिकित्सा परिसर, अस्पताल भवन, मेडिकल कॉलेज, छात्रावास और आवासीय भवन बनाने से पहले पूरे भूखंड का निर्धारित इंजीनियरिंग स्तर तक समतलीकरण आवश्यक होगा।

संजय कुमार झा ने कहा कि मिट्टी भराई और समतलीकरण शुरू होने से दरभंगा AIIMS का सपना साकार होने की दिशा में परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ेगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर काम शुरू होने की जानकारी साझा करते हुए इसे मिथिला क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

🌊 नदियों की उड़ाही से निकली मिट्टी का होगा इस्तेमाल

भूमि भराई के लिए निकटवर्ती खिरोई नदी सहित दरभंगा और आसपास से गुजरने वाली नदियों की उड़ाही से निकलने वाली मिट्टी और गाद का उपयोग करने की योजना बनाई गई है। इससे एक तरफ AIIMS परिसर के लिए जरूरी मिट्टी उपलब्ध होगी, वहीं नदियों से गाद हटाने के कार्य को भी जोड़ा जा सकेगा।

राज्य सरकार ने जून 2026 में भूमि समतलीकरण का दायित्व जल संसाधन विभाग को सौंपने का निर्णय लिया था। विभाग को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार मिट्टी भराई, सतह तैयार करने और संबंधित जल प्रबंधन कार्य पूरे करने हैं।

🏗️ समतलीकरण क्यों है जरूरी?

मुख्य भवन का निर्माण शुरू करने से पहले जमीन को डिजाइन में निर्धारित ऊंचाई तक लाना, मिट्टी को परतों में फैलाना और पर्याप्त रूप से दबाना आवश्यक होता है। बिना उचित कॉम्पैक्शन के बाद में जमीन धंसने, भवन की नींव प्रभावित होने और परिसर में जलजमाव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

इसलिए मिट्टी डालने के साथ उसकी गुणवत्ता, नमी, परत की मोटाई और दबाव क्षमता की नियमित तकनीकी जांच जरूरी होगी। यह हिस्सा सामान्य रूप से दिखाई देने वाले भवन निर्माण से कम आकर्षक जरूर है, लेकिन पूरे अस्पताल परिसर की स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

🧱 मुख्य भवन निर्माण अभी शुरू नहीं

मिट्टी भराई और समतलीकरण को परियोजना का प्रारंभिक आधारभूत कार्य माना जाएगा। इसके बाद जमीन को निर्धारित स्तर तक तैयार करने, आवश्यक परीक्षण करने और निर्माण एजेंसी को तैयार कार्यक्षेत्र सौंपने जैसी प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।

इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि 750 बेड वाले अस्पताल या मेडिकल कॉलेज के मुख्य भवनों का निर्माण शुरू हो गया है। मुख्य निर्माण की तारीख, कार्य पैकेज और पूरा होने की संशोधित समयसीमा से संबंधित विस्तृत आधिकारिक कार्यक्रम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

🗓️ 2015 में हुई थी पहली घोषणा

दरभंगा AIIMS से जुड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक यात्रा वर्ष 2015-16 के केंद्रीय बजट से शुरू हुई थी। उस समय बिहार में एक नए AIIMS जैसे संस्थान की घोषणा की गई थी। बाद में संस्थान के लिए दरभंगा का चयन किया गया।

घोषणा के बाद कई वर्षों तक उपयुक्त जमीन और स्थान को लेकर प्रक्रिया चलती रही। DMCH परिसर और शोभन सहित अलग-अलग स्थानों पर चर्चा के बाद अंततः शोभन-एकमी बाइपास के पास की जमीन स्वीकार की गई।

✅ सितंबर 2020 में मिली केंद्रीय मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 15 सितंबर 2020 को प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत दरभंगा में नए AIIMS की स्थापना को औपचारिक स्वीकृति दी थी। परियोजना की मूल स्वीकृत लागत ₹1,264 करोड़ रखी गई और तत्कालीन योजना में मंजूरी के बाद 48 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य बताया गया था।

भूमि उपलब्ध कराने और निर्माण पूर्व प्रक्रियाओं में देरी के कारण मूल समयसीमा के अनुसार परियोजना पूरी नहीं हो सकी। केंद्र सरकार ने बाद में स्पष्ट किया था कि निर्माण अवधि की गणना बाधामुक्त जमीन सौंपे जाने के बाद से की जाएगी।

🗺️ 187 एकड़ से अधिक जमीन हस्तांतरित

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की PMSSY स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सरकार ने दरभंगा AIIMS के निर्माण के लिए कुल 187.44 एकड़ जमीन हस्तांतरित की है। अगस्त 2024 में पहले चरण में 150.13 एकड़ जमीन केंद्र को सौंपी गई थी और बाद में शेष भूमि भी उपलब्ध कराई गई।

इतने बड़े परिसर में अस्पताल, मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास, चिकित्सकों तथा कर्मचारियों के आवास और दूसरी सहायक संरचनाओं का निर्माण प्रस्तावित है।

🪨 2023 में मंजूर हुए थे ₹309 करोड़

बिहार सरकार ने अप्रैल 2023 में प्रस्तावित AIIMS परिसर की मिट्टी भराई और भूमि समतलीकरण के लिए ₹309 करोड़ की मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य जमीन को मुख्य निर्माण के लिए तैयार करना था।

इसके बावजूद स्थान स्वीकृति, भूमि हस्तांतरण, तकनीकी प्रस्ताव और संबंधित विभागों के बीच जिम्मेदारियां तय करने में समय लगा। जुलाई 2026 में काम शुरू होने के बाद अब इस राशि और स्वीकृत योजना के वास्तविक क्रियान्वयन पर लोगों की नजर रहेगी।

🧱 पहले शुरू हुआ था घेराबंदी का काम

परिसर की चारदीवारी और शुरुआती घेराबंदी से जुड़े कार्य अप्रैल 2025 में शुरू हो चुके थे। उस समय राज्य सरकार के मंत्रियों, सांसद और जिला अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की थी।

अब व्यापक मिट्टी भराई शुरू होने से परिसर के अंदर मुख्य निर्माण के लिए जमीन विकसित करने का चरण आगे बढ़ा है।

⚡ हाईटेंशन तार और दूसरी बाधाओं पर भी हुआ काम

अप्रैल 2026 में मुख्य सचिव की समीक्षा के दौरान परिसर से संबंधित 400 केवी हाईटेंशन लाइन स्थानांतरित करने, मिट्टी भराई का तकनीकी प्रस्ताव तैयार करने और चारों ओर सुरक्षा बांध की योजना पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया गया था।

बड़े परिसर के विकास में बिजली लाइन, जलनिकासी, पहुंच मार्ग और बाढ़ से सुरक्षा जैसे कार्य मुख्य भवन के निर्माण जितने ही महत्वपूर्ण होंगे।

🏥 750 बेड का बनेगा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल

केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृत योजना के अनुसार, दरभंगा AIIMS में 750 बेड वाला अस्पताल बनाया जाएगा। इसमें आपातकालीन एवं ट्रॉमा बेड, ICU, AYUSH, निजी वार्ड और सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शामिल होंगी।

संस्थान में 15 से 20 सुपर स्पेशियलिटी विभाग विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, शिक्षण भवन, ऑडिटोरियम, नाइट शेल्टर, गेस्ट हाउस और आवासीय परिसर भी बनाए जाएंगे।

🎓 100 MBBS और 60 नर्सिंग सीटों का प्रस्ताव

AIIMS शुरू होने के बाद प्रतिवर्ष 100 विद्यार्थियों को MBBS और 60 विद्यार्थियों को बीएससी नर्सिंग में प्रवेश देने की योजना है। बाद के चरण में स्नातकोत्तर और DM/M.Ch सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा सकते हैं।

इससे दरभंगा केवल इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि मेडिकल शिक्षा, नर्सिंग प्रशिक्षण और स्वास्थ्य अनुसंधान का भी बड़ा केंद्र बन सकता है।

👨‍⚕️ उत्तर बिहार के मरीजों को मिलेगा लाभ

दरभंगा AIIMS के शुरू होने से मिथिला और उत्तर बिहार के मरीजों को कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पटना, दिल्ली या दूसरे बड़े शहरों की यात्रा पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संस्थान से क्षेत्र में सस्ती सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध होने के साथ डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी कम करने में भी मदद मिलेगी। परियोजना से करीब 3,000 प्रत्यक्ष फैकल्टी और गैर-फैकल्टी रोजगार पैदा होने का अनुमान भी दिया गया था।

🚗 पहुंच मार्ग और जलनिकासी होंगे महत्वपूर्ण

AIIMS बनने के बाद शोभन-एकमी बाइपास और आसपास की सड़कों पर मरीजों, एंबुलेंस, विद्यार्थियों और कर्मचारियों का दबाव काफी बढ़ेगा। इसलिए मुख्य परिसर के साथ चौड़े प्रवेश मार्ग, सार्वजनिक परिवहन, पार्किंग और एंबुलेंस के लिए अलग रास्ते की योजना जरूरी होगी।

परिसर में पानी जमा न हो, इसके लिए भूमि की अंतिम ऊंचाई, चारों ओर सुरक्षा संरचना और वर्षा जल निकासी पर विशेष ध्यान देना होगा। मिट्टी भराई की गुणवत्ता ही भविष्य में परिसर की जलजमाव सुरक्षा का आधार बनेगी।

⏳ मुख्य निर्माण कब शुरू होगा?

मिट्टी भराई पूरी होने के बाद जमीन की तकनीकी जांच, डिजाइन के अनुसार साइट सौंपने और मुख्य निर्माण पैकेज को सक्रिय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

फिलहाल सरकार की ओर से अस्पताल भवन का निर्माण शुरू होने की निश्चित तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है। मिट्टी भराई में लगने वाला समय मानसून, मिट्टी की उपलब्धता, ढुलाई की गति और तकनीकी परीक्षणों पर निर्भर करेगा।

🔮 आगे क्या होगा?

आने वाले चरणों में पूरे चयनित भूखंड पर परतवार मिट्टी भराई, समतलीकरण और कॉम्पैक्शन कराया जाएगा। इसके साथ जलनिकासी, सुरक्षा बांध, आंतरिक रास्ते और आवश्यक उपयोगिता सेवाओं की शुरुआती तैयारी की जा सकती है।

काम की वास्तविक गति का आकलन इस बात से होगा कि कितने क्षेत्र में निर्धारित ऊंचाई तक मिट्टी भराई पूरी हुई और मुख्य भवन निर्माण के लिए साइट कब संबंधित केंद्रीय एजेंसी को सौंपी गई।

📊 जरूरी जानकारी एक नजर में

विवरणजानकारी
🏥 परियोजनाअखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दरभंगा
📍 स्थानशोभन-एकमी बाइपास, दरभंगा
🚜 नया काममिट्टी भराई और भू-समतलीकरण
📅 काम शुरू16 जुलाई 2026
🏢 जिम्मेदार विभागबिहार जल संसाधन विभाग
🌊 मिट्टी का स्रोतनदियों की उड़ाही से निकली मिट्टी और गाद
📣 पहली घोषणाकेंद्रीय बजट 2015-16
✅ केंद्रीय मंजूरी15 सितंबर 2020
🪔 शिलान्यास13 नवंबर 2024
🗺️ उपलब्ध जमीन187.44 एकड़
💰 मूल स्वीकृत लागत₹1,264 करोड़
💵 भूमि तैयारी की मंजूरी₹309 करोड़
🛏️ प्रस्तावित अस्पताल750 बेड
🎓 MBBS सीटें100
👩‍⚕️ नर्सिंग सीटें60
🩺 विभाग15 से 20 सुपर स्पेशियलिटी विभाग
🧱 मुख्य भवन निर्माणशुरू होने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं

🔍 DarbhangaNews.in Analysis

मिट्टी भराई शुरू होना दरभंगा AIIMS के लिए महत्वपूर्ण जमीनी प्रगति है, लेकिन परियोजना की असली रफ्तार तभी स्पष्ट होगी जब तय समय में भूमि तैयार कर मुख्य अस्पताल निर्माण शुरू किया जाए।

काम की गुणवत्ता और प्रगति सार्वजनिक रखने के लिए सरकार को मिट्टी भराई का लक्ष्य, पूरा हुआ क्षेत्र और मुख्य निर्माण की संभावित तारीख नियमित रूप से जारी करनी चाहिए।

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