Highlights
- 🏏 वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर बनाया विश्व रिकॉर्ड।
- 🔥 अनुकूल रॉय ने 15 गेंदों में 39 रन की तूफानी पारी खेली।
- 🇮🇳 दोनों खिलाड़ियों ने भारत-ए को खिताब जिताने में निभाई अहम भूमिका।
- 👏 समस्तीपुर के एस.के. झा और ब्रजेश झा ने बचपन में दी क्रिकेट की बुनियादी ट्रेनिंग।
- ⭐ दोनों खिलाड़ी आज बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
भारत-ए की जीत से समस्तीपुर में खुशी की लहर
दांबुला में खेले गए भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल मुकाबले में बिहार के दो युवा सितारों वैभव सूर्यवंशी और अनुकूल रॉय ने शानदार प्रदर्शन कर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
जहां एक ओर वैभव सूर्यवंशी ने अपने बल्ले से विश्व रिकॉर्ड कायम किया, वहीं दूसरी ओर अनुकूल रॉय ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए भारत-ए को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन दोनों खिलाड़ियों की सफलता के पीछे समस्तीपुर के दो क्रिकेट गुरुओं पूर्व खेल शिक्षक एस.के. झा और क्रिकेट कोच ब्रजेश झा का भी अहम योगदान माना जा रहा है।
वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, 11 गेंदों में जड़ा अर्धशतक
महज 15 वर्ष की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने वह कर दिखाया जिसकी कल्पना भी मुश्किल थी।
उन्होंने श्रीलंका-ए के खिलाफ फाइनल मुकाबले में केवल 11 गेंदों पर अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
वैभव की विस्फोटक पारी के आंकड़े—
- 94 रन
- 29 गेंद
- 10 चौके
- 8 छक्के
- 324 से अधिक स्ट्राइक रेट
हालांकि वह शतक से केवल छह रन दूर रह गए, लेकिन उनकी यह पारी लंबे समय तक क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय रहेगी।
अनुकूल रॉय ने दिखाई ऑलराउंडर की क्लास
वैभव की तूफानी शुरुआत के बाद जब भारत-ए का मध्यक्रम थोड़ा दबाव में आया, तब अनुकूल रॉय ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई।
उन्होंने केवल 15 गेंदों में 39 रन बनाकर भारत-ए का स्कोर 377 रन तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया।
उनकी पारी में शामिल रहे—
- 4 शानदार छक्के
- 1 चौका
अनुकूल की इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने श्रीलंका-ए के सामने विशाल लक्ष्य खड़ा करने में बड़ी भूमिका निभाई।
विश्व कप विजेता खिलाड़ी हैं अनुकूल रॉय
अनुकूल रॉय भारतीय क्रिकेट का जाना-पहचाना नाम हैं।
उन्होंने 2018 अंडर-19 विश्व कप में शानदार गेंदबाजी करते हुए 14 विकेट हासिल किए थे और भारत को विश्व विजेता बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
घरेलू क्रिकेट में भी वह लगातार झारखंड के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करते रहे हैं।
समस्तीपुर के इन दो गुरुओं ने दी सही दिशा
पूर्व खेल शिक्षक एस.के. झा बताते हैं कि वैभव और अनुकूल दोनों बचपन से ही असाधारण प्रतिभा के धनी थे।
अनुकूल रॉय
- डीएवी पब्लिक स्कूल, समस्तीपुर के छात्र रहे।
- शुरुआती दिनों में एस.के. झा और ब्रजेश झा के मार्गदर्शन में क्रिकेट सीखा।
- आगे चलकर भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा बने।
वैभव सूर्यवंशी
- कक्षा 1 से 3 तक डीएवी पब्लिक स्कूल, समस्तीपुर में पढ़ाई की।
- बचपन से ही आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते थे।
- एस.के. झा और ब्रजेश झा के मार्गदर्शन में उनकी प्रतिभा लगातार निखरती गई।
कोच एस.के. झा बोले— मेहनत और अनुशासन ने दिलाई सफलता
पूर्व खेल शिक्षक एस.के. झा ने दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि वैभव और अनुकूल हमेशा से मेहनती, अनुशासित और सीखने के इच्छुक खिलाड़ी रहे हैं।
उन्होंने कहा कि—
“वैभव किसी भी मैच का रुख कुछ ही मिनटों में बदल सकते हैं, जबकि अनुकूल ऐसे ऑलराउंडर हैं जो बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में टीम के लिए उपयोगी साबित होते हैं।”
बिहार के युवाओं के लिए बने प्रेरणा
वैभव सूर्यवंशी और अनुकूल रॉय की सफलता यह साबित करती है कि यदि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन, मेहनत और परिवार का सहयोग मिले तो छोटे शहरों और कस्बों से निकलकर भी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
आज दोनों खिलाड़ी सिर्फ समस्तीपुर या बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
Darbhanga News Verdict
समस्तीपुर की धरती से निकले वैभव सूर्यवंशी और अनुकूल रॉय ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। उनकी सफलता में परिवार के साथ-साथ एस.के. झा और ब्रजेश झा जैसे समर्पित प्रशिक्षकों का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आने वाले वर्षों में दोनों खिलाड़ियों से भारतीय क्रिकेट को और भी बड़ी उम्मीदें रहेंगी।
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