
📢 महिलाओं और बच्चों समेत 14 यात्री लिफ्ट में हुए बंद, 9 मिनट तक चली रेस्क्यू कार्रवाई
📍 दरभंगा | 15 जून 2026
दरभंगा जंक्शन पर सोमवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया, जब प्लेटफॉर्म संख्या 4-5 पर लगी यात्री लिफ्ट अचानक तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में रुक गई। लिफ्ट में महिलाएं और बच्चे समेत कुल 14 यात्री सवार थे, जो कुछ देर के लिए अंदर फंस गए। घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जीआरपी और आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई के कारण सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
🚨 अचानक रुक गई लिफ्ट, अंदर मच गई घबराहट
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 5:08 बजे 14 यात्री प्लेटफॉर्म संख्या 4-5 की लिफ्ट में सवार हुए थे। लिफ्ट कुछ दूरी तक ऊपर गई, लेकिन अचानक तकनीकी खराबी के कारण बीच में ही रुक गई।
बंद लिफ्ट के भीतर घुटन महसूस होने लगी, जिसके बाद यात्रियों ने शोर मचाया और लिफ्ट में दिए गए आपातकालीन नंबर पर संपर्क कर मदद मांगी।
👮 9 मिनट में शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही जीआरपी थाना प्रभारी शिव शंकर यादव और आरपीएफ निरीक्षक पुखराज मीणा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और विशेष उपकरणों की मदद से लिफ्ट का दरवाजा काटकर यात्रियों को बाहर निकाला।
🗣️ करीब 5:17 बजे तक सभी 14 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
यात्रियों के बाहर आते ही लोगों ने राहत की सांस ली।
⚠️ ओवरलोडिंग को माना जा रहा वजह
प्रारंभिक जांच में लिफ्ट लगाने वाली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों के सवार होने के कारण लिफ्ट पर अतिरिक्त भार पड़ गया।
इसके चलते सुरक्षा प्रणाली सक्रिय हुई और लिफ्ट बीच रास्ते में लॉक हो गई।
हालांकि कई यात्रियों का कहना है कि यदि सुरक्षा सेंसर पूरी तरह कार्य कर रहे होते तो ओवरलोड होने पर लिफ्ट शुरू ही नहीं होनी चाहिए थी।
🌡️ भीषण गर्मी में बढ़ सकता था खतरा
घटना ऐसे समय हुई जब बिहार में भीषण गर्मी और उमस का दौर चल रहा है।
बंद लिफ्ट में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के फंस जाने से घुटन और डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ सकता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि राहत कार्य में थोड़ी और देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
🔧 चार मशीनों की जिम्मेदारी सिर्फ एक कर्मचारी पर
दरभंगा जंक्शन पर यात्रियों की सुविधा के लिए दो लिफ्ट और दो एस्केलेटर लगाए गए हैं।
लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन चारों स्वचालित उपकरणों के रखरखाव के लिए केवल एक कर्मचारी की तैनाती की गई है।
रेलवे की यह व्यवस्था अब सवालों के घेरे में आ गई है।
📈 छह महीने में चौथी बार सामने आई समस्या
यह पहली घटना नहीं है।
रेलवे सूत्रों के अनुसार पिछले छह महीनों में यह चौथी बार है जब दरभंगा जंक्शन की लिफ्ट में तकनीकी खराबी के कारण यात्री फंस गए।
हर बार सुरक्षा एजेंसियों को हस्तक्षेप कर यात्रियों को बाहर निकालना पड़ा है।
इस लगातार हो रही लापरवाही को लेकर यात्रियों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है।
🏛️ डीआरएम ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश
घटना की जानकारी मिलने के बाद समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने मामले का संज्ञान लिया है।
उन्होंने तत्काल प्रभाव से संबंधित लिफ्ट के संचालन पर रोक लगाने और पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने का निर्देश दिया है।
🗣️ रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।
⚡ यात्रियों ने उठाई स्थायी व्यवस्था की मांग
घटना के बाद यात्रियों ने मांग की है कि स्टेशन की सभी लिफ्टों के पास स्थायी रूप से गार्ड या ऑपरेटर की तैनाती की जाए।
साथ ही नियमित तकनीकी जांच और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका न रहे।
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