दरभंगा जिला परिषद की राजनीति में बड़ा उलटफेर, रेणु देवी बनीं अध्यक्ष, विपक्ष रहा नदारद

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📢 सीता देवी खेमे की अनुपस्थिति में निर्विरोध हुआ चुनाव, समर्थकों में जश्न का माहौल

📍 दरभंगा | 10 जून 2026

दरभंगा जिला परिषद की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिला। जिला परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में पूर्व अध्यक्ष रेणु देवी ने एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ साबित करते हुए निर्विरोध जीत दर्ज की। खास बात यह रही कि चुनाव के दौरान निवर्तमान अध्यक्ष सीता देवी का पूरा खेमा सदन से अनुपस्थित रहा, जिससे मुकाबले की सभी संभावनाएं खत्म हो गईं।

जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर सभागार में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चुनाव प्रक्रिया पूरी की गई। रेणु देवी के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा होते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

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⚖️ चुनाव से पहले ही साफ हो गई तस्वीर

47 सदस्यीय जिला परिषद में अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक हलचल कई दिनों से जारी थी। माना जा रहा था कि चुनाव रोचक हो सकता है, लेकिन मतदान के दिन तस्वीर पूरी तरह बदल गई।

रेणु देवी अपने समर्थक जिला परिषद सदस्यों के साथ निर्धारित समय पर अंबेडकर सभागार पहुंचीं, जबकि दूसरी ओर निवर्तमान अध्यक्ष सीता देवी और उनके समर्थकों ने चुनाव प्रक्रिया से दूरी बनाए रखी।

सदन में विपक्ष की गैरमौजूदगी ने चुनाव को लगभग एकतरफा बना दिया।

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📝 नामांकन प्रक्रिया में दिखी मजबूती

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नामांकन प्रक्रिया दोपहर में शुरू हुई। रेणु देवी ने समय सीमा के भीतर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

उनके समर्थन में हायाघाट की जिला परिषद सदस्य काजल देवी प्रस्तावक बनीं, जबकि जिला परिषद सदस्य डॉ. नंदकिशोर झा ‘बेचन’ ने अनुमोदक की भूमिका निभाई।

नामांकन के दौरान उनके समर्थक सदस्यों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया।

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🏆 कोई दूसरा प्रत्याशी नहीं आया सामने

नामांकन पत्रों की जांच के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने नियमानुसार अन्य उम्मीदवारों को भी अवसर दिया।

लेकिन निर्धारित समय समाप्त होने तक किसी अन्य सदस्य ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल नहीं किया।

इसके बाद निर्वाचन पदाधिकारियों ने औपचारिक घोषणा करते हुए रेणु देवी को निर्विरोध जिला परिषद अध्यक्ष घोषित कर दिया।

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👥 29 सदस्यों का मिला समर्थन

सूत्रों के अनुसार चुनाव के दौरान रेणु देवी के साथ 29 जिला परिषद सदस्य मौजूद थे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह संख्या जिला परिषद में उनकी मजबूत पकड़ और संगठनात्मक शक्ति को दर्शाती है।

दूसरी ओर विपक्षी खेमे की अनुपस्थिति ने कई राजनीतिक सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

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🛡️ सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।

अंबेडकर सभागार और समाहरणालय परिसर के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रवेश द्वारों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी।

चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रेक्षक के रूप में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी भी सुनिश्चित की गई।

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🎉 जीत के बाद समर्थकों में उत्साह

निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा के बाद रेणु देवी समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।

समर्थकों ने इसे जिला परिषद की राजनीति में स्थिर नेतृत्व की वापसी बताया। कई कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की।

राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा इस बात की है कि रेणु देवी अपने नए कार्यकाल में जिला परिषद की विकास योजनाओं को किस दिशा में आगे बढ़ाती हैं।

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📌 मुख्य बातें

✅ रेणु देवी निर्विरोध जिला परिषद अध्यक्ष निर्वाचित

✅ सीता देवी खेमा चुनाव प्रक्रिया से रहा दूर

✅ 47 सदस्यीय सदन में विपक्ष की अनुपस्थिति चर्चा का विषय

✅ किसी अन्य उम्मीदवार ने नहीं भरा नामांकन

✅ अंबेडकर सभागार में कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ चुनाव

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🔎 आगे की राह

जिला परिषद अध्यक्ष पद पर दोबारा काबिज होने के बाद अब सभी की निगाहें रेणु देवी के आगामी फैसलों पर टिकी हैं।

विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जिला परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर नई अध्यक्ष से लोगों की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं।

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