📍 मनीगाछी, दरभंगा | DarbhangaNews.in
दरभंगा जिले के मनीगाछी थाना क्षेत्र में करीब एक साल पहले हुई टेंपो लूट की वारदात में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले में लंबे समय से फरार बताए जा रहे मुख्य आरोपी कृष्णा कमती को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसे चनौर पेट्रोल पंप के पास स्थित एक चाय दुकान से पकड़ा। कृष्णा कमती बघांत गांव निवासी अर्जुन कमती का पुत्र बताया गया है।
पुलिस के अनुसार घटना मनीगाछी-पुतई मुख्य मार्ग पर बघांत सोई पुल के पास हुई थी। पुतई गांव निवासी मो. गुलजार अपने परिजनों के साथ सकरी रेलवे स्टेशन से घर लौट रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने कथित तौर पर पिस्तौल का भय दिखाकर उनका टेंपो और ₹30 हजार से अधिक नकदी लूट ली थी। घटना के बाद मनीगाछी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी।
मामले में पुलिस पहले भी कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और लूटा गया टेंपो भी बरामद किया जा चुका है। कृष्णा कमती घटना के बाद से फरार था। पुलिस का कहना है कि सूचना मिलने के बाद उसकी निगरानी की गई और आखिरकार उसे चाय दुकान से पकड़ लिया गया।
📌 मुख्य बातें
✅ मनीगाछी-पुतई मार्ग पर करीब एक साल पहले हुई थी टेंपो लूट
✅ बघांत सोई पुल के पास हुई थी वारदात
✅ पीड़ित मो. गुलजार परिजनों के साथ सकरी से लौट रहे थे
✅ पिस्तौल का भय दिखाकर टेंपो और ₹30 हजार से अधिक नकदी लूटने का आरोप
✅ मुख्य आरोपी कृष्णा कमती घटना के बाद से था फरार
✅ चनौर पेट्रोल पंप के पास चाय दुकान से पुलिस ने किया गिरफ्तार
✅ घटना में शामिल अन्य आरोपियों पर पहले भी हुई कार्रवाई
✅ लूटा गया टेंपो पहले ही बरामद किया जा चुका है
✅ एक आरोपी के घर कुर्की की कार्रवाई भी हुई
✅ मनीगाछी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह की टीम ने की गिरफ्तारी
🚖 सकरी स्टेशन से परिवार को लेकर लौट रहे थे गुलजार
पुलिस के अनुसार यह घटना 31 जुलाई 2025 की रात से एक अगस्त की आधी रात के बाद की है। पुतई निवासी मो. गुलजार अपने परिजनों को लेकर सकरी रेलवे स्टेशन से टेंपो से घर लौट रहे थे। लगभग दो बजे बघांत पेट्रोल पंप और सोई पुल के आसपास अपराधियों ने रास्ते में उन्हें रोक लिया।
आरोप है कि हथियार का भय दिखाकर टेंपो, नकदी और अन्य सामान लूट लिया गया। इसके बाद अपराधी वाहन लेकर फरार हो गए।
घटना सामने आने के बाद मनीगाछी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
🔫 पिस्तौल दिखाकर लूट का आरोप
बेनीपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बासुकी नाथ झा के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार अपराधियों ने पिस्तौल का भय दिखाकर घटना को अंजाम दिया था। पीड़ित के पास से ₹30 हजार से अधिक नकद और टेंपो ले जाने का आरोप है।
मई में सामने आई जांच संबंधी रिपोर्ट में गिरफ्तार एक आरोपी के बयान के आधार पर यह दावा भी किया गया था कि वारदात के दौरान कृष्णा कमती ने गोली चलाई थी। हालांकि यह पुलिस जांच में सामने आया आरोप है; इस दावे पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया में ही तय होगा।
📱 मोबाइल से पुलिस को मिली अहम कड़ी
पुलिस को मामले की जांच में तकनीकी साक्ष्यों से महत्वपूर्ण सुराग मिले।
हिन्दुस्तान की मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार लूटे गए मोबाइल में से एक बाजितपुर थाना क्षेत्र के चकचिंतामणिपुर निवासी अशोक यादव के पास मिला था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और पूछताछ में दूसरे संदिग्धों के नाम सामने आने का दावा किया।
इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी की।
दूसरा लूटा गया मोबाइल भी एक अन्य आरोपी से जुड़े घर से बरामद होने की जानकारी दी गई थी।
👮 अशोक यादव पहले ही भेजा जा चुका है जेल
पुलिस के अनुसार लूटकांड में शामिल बताए गए अशोक यादव को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
जांच के दौरान बाजितपुर थाना क्षेत्र के चक्का गांव निवासी विक्की यादव का नाम भी सामने आया था। हिन्दुस्तान की पूर्व रिपोर्ट के अनुसार वह एक अन्य मामले में पहले से न्यायिक हिरासत में था।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी व्यक्ति का नाम पुलिस जांच में सामने आना या गिरफ्तारी होना दोषसिद्धि नहीं है। अंतिम निर्णय अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होता है।
🚘 लूटा गया टेंपो पहले ही बरामद
पुलिस जांच में लूटा गया टेंपो भी बरामद किया जा चुका है।
प्रभात खबर की नवीन रिपोर्ट के अनुसार टेंपो बहेड़ा थाना क्षेत्र के मझौरा गांव से बरामद हुआ था और उससे जुड़े एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
हिन्दुस्तान की पुरानी रिपोर्ट भी मझौरा क्षेत्र से टेंपो की बरामदगी की पुष्टि करती है, हालांकि वाहन रखने वाले व्यक्ति के नाम को लेकर दोनों प्रकाशित रिपोर्टों में अंतर दिखाई देता है।
इसलिए DarbhangaNews.in वाहन की बरामदगी को पुष्ट तथ्य मानता है, लेकिन संबंधित खरीदार/व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग रिपोर्ट होने के कारण यहां उस नाम को अंतिम रूप से नहीं दोहराया जा रहा है।
🏠 एक आरोपी के घर हुई कुर्की
प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के विष्णुपुर गांव निवासी योगी यादव के घर पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई भी की है।
कुर्की जैसी कार्रवाई आम तौर पर न्यायालय की प्रक्रिया और कानूनी आदेश के तहत की जाती है।
इससे पता चलता है कि मामले में फरार आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस ने अलग-अलग स्तर पर दबाव बनाने की कार्रवाई की।
🕵️ एक साल तक पुलिस से बचता रहा कृष्णा कमती
मुख्य आरोपी बताए जा रहे कृष्णा कमती की गिरफ्तारी पुलिस के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था।
पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर नजर रख रही थी। बुधवार सुबह सूचना मिली कि कृष्णा चनौर पेट्रोल पंप के पास एक चाय दुकान पर मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
करीब एक वर्ष बाद उसकी गिरफ्तारी से पुलिस को घटना की पूरी कड़ी और बाकी आरोपियों की भूमिका को लेकर आगे पूछताछ का अवसर मिलेगा।
👥 पैसे और टेंपो बेचकर मिली रकम बांटने का दावा
हिन्दुस्तान की पूर्व रिपोर्ट में गिरफ्तार आरोपी से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दावा किया था कि लूट के बाद टेंपो एक ऐसे व्यक्ति को बेच दिया गया जो कथित रूप से चोरी का सामान सस्ते में खरीदता था। इसके बाद टेंपो बेचने से मिली राशि और लूटी गई नकदी को आरोपियों ने आपस में बांट लिया था।
यह विवरण पुलिस जांच और आरोपी से पूछताछ पर आधारित है।
इसकी अंतिम पुष्टि आरोपपत्र, अन्य साक्ष्यों और अदालत की प्रक्रिया में होगी।
🚔 गिरफ्तारी करने वाली टीम में कौन-कौन?
प्रभात खबर के अनुसार कृष्णा कमती को गिरफ्तार करने वाली टीम में मनीगाछी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
इस मामले की पूर्व जांच में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बासुकी नाथ झा, थानाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह और तकनीकी शाखा के कर्मियों की भूमिका का भी उल्लेख मिलता है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।
🔍 अब पुलिस के सामने क्या बाकी?
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी मामले की जांच पूरी तरह समाप्त मानना जल्दबाजी होगी।
अब पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि:
- वारदात में कुल कितने लोग शामिल थे
- किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी
- कथित हथियार कहां से आया
- लूट के बाद टेंपो किस-किस के पास पहुंचा
- लूटी गई पूरी नकदी बरामद हुई या नहीं
- बाकी फरार आरोपी कहां हैं
- कृष्णा कमती करीब एक वर्ष तक कहां छिपा रहा
- क्या इसी गिरोह का संबंध दूसरी लूट की घटनाओं से भी है
इनमें से कई सवालों के जवाब अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
📊 जरूरी जानकारी एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मामला | टेंपो और नकदी लूट |
| थाना | मनीगाछी |
| जिला | दरभंगा |
| घटनास्थल | बघांत सोई पुल के पास |
| मार्ग | मनीगाछी-पुतई मुख्य मार्ग |
| घटना | 31 जुलाई/1 अगस्त 2025 की रात |
| पीड़ित | मो. गुलजार |
| पीड़ित का गांव | पुतई |
| कथित लूट | टेंपो और ₹30 हजार से अधिक नकदी |
| मुख्य गिरफ्तार आरोपी | कृष्णा कमती |
| गांव | बघांत |
| पिता | अर्जुन कमती |
| गिरफ्तारी स्थल | चनौर पेट्रोल पंप के पास चाय दुकान |
| गिरफ्तारी | 12 अगस्त 2026 |
| गिरफ्तारी तक फरारी | करीब एक वर्ष |
| टेंपो | पहले ही बरामद |
| एक पूर्व गिरफ्तारी | अशोक यादव |
| पुलिस अधिकारी | एसडीपीओ बासुकी नाथ झा |
| थानाध्यक्ष | रंजीत कुमार सिंह |
| जांच | आगे की कानूनी कार्रवाई जारी |
🔍 DarbhangaNews.in विश्लेषण: एक साल बाद मुख्य आरोपी तक पहुंची पुलिस, अब पूरी कड़ी सामने आनी चाहिए
मनीगाछी का यह मामला बताता है कि तकनीकी साक्ष्य पुराने अपराध के अनुसंधान में कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस को पहले लूटे गए मोबाइल से सुराग मिला, उसके आधार पर दूसरे संदिग्धों तक पहुंचने की बात सामने आई और टेंपो भी बरामद हुआ।
लेकिन मुख्य आरोपी बताया जा रहा कृष्णा कमती करीब एक साल तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा।
अब उसकी गिरफ्तारी के बाद यह भी जानना महत्वपूर्ण होगा कि इतने लंबे समय तक वह कहां रहा, उसे किसने शरण दी और पुलिस उसे पहले क्यों नहीं पकड़ पाई।
लूट में इस्तेमाल कथित हथियार, पूरी नकदी और घटना में शामिल सभी आरोपियों को लेकर भी अंतिम स्थिति सार्वजनिक होनी चाहिए।
यदि जांच में यह सामने आता है कि लूटे गए वाहन और सामान को खरीदने वाला अलग नेटवर्क मौजूद था, तो केवल लूट करने वालों को पकड़ना पर्याप्त नहीं होगा। चोरी या लूट के सामान को बाजार उपलब्ध कराने वाले लोगों पर कार्रवाई भी अपराध की पूरी श्रृंखला तोड़ने के लिए जरूरी है।
हालांकि गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। पुलिस का दावा और आरोपी का अपराध सिद्ध होना अलग-अलग कानूनी चरण हैं।








