📍 बलभद्रपुर, दरभंगा | DarbhangaNews.in
दरभंगा को बिहार के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और नई हरित क्षेत्र सड़क परियोजनाओं से जोड़ने की दिशा में कई बड़े प्रस्तावों पर चर्चा हुई है। दरभंगा के सांसद एवं लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने रविवार को बलभद्रपुर स्थित अपने संसदीय कार्यालय में राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों और अभियंताओं के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में दरभंगा एयरपोर्ट को पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से सीधा जोड़ने से लेकर सकरी, कुशेश्वरस्थान, महेशखूंट, बेगूसराय, एम्स और आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े कई सड़क प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
सांसद ने कहा कि दरभंगा को सड़क संपर्क के जरिए राज्य के प्रमुख राजमार्गों और हरित क्षेत्र सड़क परियोजनाओं से जोड़ने की पहल की जा रही है। इसके साथ ही एनएच-27 पर स्वीकृत छह एफओबी का निर्माण जल्द शुरू कराने और पहले से निर्माणाधीन योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया।
📌 मुख्य बातें
✅ दरभंगा एयरपोर्ट को पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से जोड़ने के प्रस्ताव पर चर्चा
✅ कुशेश्वरस्थान की सड़क संपर्क व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
✅ सकरी एनएच-27 से कुशेश्वरस्थान होकर महेशखूंट तक नए मार्ग का प्रस्ताव
✅ विदेश्वरस्थान से बेगूसराय तक नए एक्सप्रेसवे पर चर्चा
✅ एनएच-27 से एम्स और रामनगर होते हुए आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे से संपर्क की योजना
✅ मधुबनी के भेजा से गंडौल तक सड़क विस्तार का मुद्दा उठा
✅ एनएच-27 पर स्वीकृत छह एफओबी का काम जल्द शुरू कराने का निर्देश
✅ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रॉमा सेंटर और “हाईवे ग्राम” के निर्माण पर भी चर्चा
✅ लंबित योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश
✈️ दरभंगा एयरपोर्ट को एक्सप्रेसवे से जोड़ने पर चर्चा
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा दरभंगा एयरपोर्ट की सड़क संपर्क व्यवस्था रहा। सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर के अनुसार एयरपोर्ट को कुशेश्वरस्थान की दिशा से पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे तक सीधा संपर्क देने पर अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।
यदि यह प्रस्ताव आगे स्वीकृति और निर्माण के चरण तक पहुंचता है तो एयरपोर्ट की पहुंच केवल दरभंगा शहर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों के लिए भी नया मार्ग उपलब्ध हो सकता है। यह संभावित प्रभाव है; हिन्दुस्तान की मूल रिपोर्ट में परियोजना की स्वीकृति, लागत या निर्माण की समय सीमा नहीं दी गई है।
इसलिए फिलहाल इसे समीक्षा बैठक में चर्चा किए गए सड़क संपर्क प्रस्ताव के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि निर्माण शुरू हो चुकी परियोजना के रूप में।
🛣️ सकरी से कुशेश्वरस्थान होकर महेशखूंट तक नया मार्ग
बैठक में सकरी स्थित एनएच-27 से कुशेश्वरस्थान होते हुए महेशखूंट तक नए एक्सप्रेसवे के निर्माण के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। कुशेश्वरस्थान लंबे समय से जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में गिना जाता है और बेहतर सड़क संपर्क की मांग स्थानीय स्तर पर उठती रही है। बैठक में इस क्षेत्र को बड़े राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने का मुद्दा प्रमुखता से रखा गया।
मूल रिपोर्ट में इस प्रस्ताव की कुल लंबाई, अनुमानित लागत, भूमि अधिग्रहण या विस्तृत मार्गरेखा नहीं दी गई है। इसलिए इनका कोई अनुमान नहीं लगाया जा रहा है।
🚗 विदेश्वरस्थान से बेगूसराय तक एक्सप्रेसवे का प्रस्ताव
सांसद ने बैठक में विदेश्वरस्थान से बेगूसराय तक नया एक्सप्रेसवे बनाने का विषय भी अधिकारियों के सामने रखा।
यह प्रस्ताव दरभंगा-मिथिला क्षेत्र को बेगूसराय की दिशा में बेहतर सड़क संपर्क देने के बड़े विचार का हिस्सा बताया गया है। हालांकि इस योजना की वर्तमान प्रशासनिक स्थिति—जैसे प्रारंभिक सर्वेक्षण, विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन या मंत्रालय की औपचारिक स्वीकृति—का उल्लेख मूल रिपोर्ट में नहीं है।
ऐसे में अभी इसे प्रस्तावित सड़क योजना के रूप में ही प्रस्तुत करना उचित होगा।
🏥 एनएच-27 से एम्स होते हुए आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे से संपर्क
बैठक में एनएच-27 से दरभंगा एम्स होते हुए रामनगर तक सड़क को आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने पर भी चर्चा हुई।
दरभंगा के लिए यह प्रस्ताव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एयरपोर्ट, एम्स और बड़े राष्ट्रीय राजमार्गों को एक-दूसरे से जोड़ने वाली सड़क व्यवस्था शहर के भविष्य के यातायात ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
लेकिन मूल रिपोर्ट में इस संपर्क मार्ग के लिए अलग परियोजना स्वीकृत होने या निर्माण शुरू होने की जानकारी नहीं दी गई है। फिलहाल सांसद द्वारा अधिकारियों के साथ इसकी संभावनाओं पर चर्चा किए जाने की पुष्टि ही उपलब्ध है।
🌉 भेजा से गंडौल तक सड़क विस्तार की मांग
भारत माला परियोजना के तहत मधुबनी के भेजा से उग्रतारा स्थान महिषी तक निर्माणाधीन सड़क परियोजना को भेजा से गंडौल तक विस्तार देने के मुद्दे पर भी बैठक में चर्चा हुई।
सांसद ने इस सड़क के विस्तार को क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। यदि विस्तार आगे बढ़ता है तो मिथिला और कोसी क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क को नया मार्ग मिल सकता है, लेकिन मूल समाचार में इसकी मंजूरी या निर्माण संबंधी विस्तृत जानकारी नहीं है।
🚶 एनएच-27 पर स्वीकृत छह एफओबी का काम जल्द शुरू करने को कहा
दरभंगा में एनएच-27 पर छह स्वीकृत एफओबी के निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने का मुद्दा भी समीक्षा बैठक में उठाया गया। सांसद ने संबंधित अधिकारियों को इसके निर्माण में तेजी लाने को कहा।
एफओबी यानी सड़क पार करने के लिए बनाए जाने वाले ऊपरी पैदल पुल व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
हालांकि हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में इन छह एफओबी के सटीक स्थान और प्रत्येक परियोजना की लागत का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए स्थानों की सूची अनुमान से नहीं जोड़ी जा रही है।
🚑 राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रॉमा सेंटर का मुद्दा
बैठक में सांसद ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रॉमा सेंटर के निर्माण की आवश्यकता पर भी अधिकारियों से चर्चा की।
राजमार्ग दुर्घटनाओं में गंभीर घायलों को तेजी से उपचार उपलब्ध कराने के लिए ऐसे केंद्रों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि दरभंगा में प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर का स्थान, क्षमता, लागत या स्वीकृति की वर्तमान स्थिति मूल रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं है।
इसी कारण इस विषय को भी बैठक में उठाए गए प्रस्ताव के रूप में ही रखा जा रहा है।
🏘️ “हाईवे ग्राम” के निर्माण पर भी चर्चा
समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग पर “हाईवे ग्राम” के निर्माण के विषय का भी उल्लेख किया गया।
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में इस योजना का विस्तृत स्वरूप नहीं बताया गया है। इसलिए इसमें कौन-कौन सी सुविधाएं होंगी, यह कहना अभी संभव नहीं है।
सांसद ने अधिकारियों को ऐसी लंबित और प्रस्तावित सड़क योजनाओं पर तेजी से काम करने तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
👷 राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा
रविवार को बलभद्रपुर स्थित संसदीय कार्यालय में हुई बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े परियोजना निदेशक अभिषेक मिश्रा, अभिलेख कुमार तथा अन्य अधिकारी और अभियंता मौजूद थे।
बैठक में केवल नई योजनाओं पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि दरभंगा में पहले से निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सांसद ने लंबित कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
📊 जरूरी जानकारी एक नजर में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| समीक्षा बैठक | 9 अगस्त 2026, रविवार |
| स्थान | बलभद्रपुर संसदीय कार्यालय, दरभंगा |
| सांसद | डॉ. गोपाल जी ठाकुर |
| प्रमुख प्रस्ताव | दरभंगा एयरपोर्ट को पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से जोड़ना |
| दूसरा प्रस्ताव | सकरी से कुशेश्वरस्थान होकर महेशखूंट तक मार्ग |
| तीसरा प्रस्ताव | विदेश्वरस्थान से बेगूसराय तक एक्सप्रेसवे |
| एम्स संपर्क | एनएच-27 से एम्स, रामनगर होकर आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने पर चर्चा |
| भेजा परियोजना | भेजा से गंडौल तक विस्तार का मुद्दा |
| एनएच-27 | छह स्वीकृत एफओबी का निर्माण |
| अन्य विषय | ट्रॉमा सेंटर और हाईवे ग्राम |
| अधिकारियों को निर्देश | लंबित काम समय पर पूरा करना |
| परियोजनाओं की अंतिम स्वीकृति | सभी प्रस्तावों के लिए मूल रिपोर्ट में स्पष्ट नहीं |
🔍 DarbhangaNews.in विश्लेषण
दरभंगा के लिए सड़क संपर्क का अगला बड़ा चरण केवल एक और राजमार्ग बनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। एयरपोर्ट, एम्स, एनएच-27, आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे और कुशेश्वरस्थान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को एक-दूसरे से जोड़ने वाली समेकित सड़क व्यवस्था शहर और जिले की भविष्य की जरूरत बनती जा रही है।
रविवार की बैठक में कई महत्वाकांक्षी प्रस्ताव सामने आए हैं, लेकिन इनमें से कौन-सी योजना केवल चर्चा के स्तर पर है, किसका सर्वेक्षण हो चुका है और किसे मंत्रालय से औपचारिक मंजूरी मिली है—यह जानकारी सार्वजनिक होना बेहद जरूरी है।
विशेष रूप से दरभंगा एयरपोर्ट को पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला प्रस्ताव क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है। इसी तरह कुशेश्वरस्थान को सकरी और महेशखूंट की दिशा में बेहतर सड़क मिलने से जिले के दूरस्थ हिस्से बड़े राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ सकते हैं।
अब आवश्यकता यह है कि प्रत्येक प्रस्ताव के लिए मार्गरेखा, अनुमानित लागत, स्वीकृति की स्थिति और संभावित समय सीमा स्पष्ट की जाए। इससे जनता यह समझ सकेगी कि कौन-सी सड़क वास्तव में बनने जा रही है और कौन-सी अभी प्रस्ताव के स्तर पर है।








